सभी विभागों के लिए आरटीआई धारा-4 का पालन जरूरी: हरियाणा सूचना आयोग

चंडीगढ़, 01 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने एक अंतरिम आदेश पारित करते हुए कहा है कि राज्य के सभी विभागों पर कानून के तहत निर्धारित सूचनाओं को स्वत: सार्वजनिक करने का वैधानिक दायित्व है। यह आदेश सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा-4 के प्रभावी क्रियान्वयन के आधार पर दिया गया है।

मामले में क्षितिज दत्ता ने आयोग से अनुरोध किया था कि उनकी शिकायत को द्वितीय अपील के रूप में माना जाए, क्योंकि उनका मुख्य विवाद सूचना उपलब्ध नहीं कराए जाने से संबंधित था। आयोग ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए आयोग सचिवालय को शिकायत को द्वितीय अपील में परिवर्तित कर उचित अपील संख्या आवंटित करने के निर्देश दिए।

राज्य सूचना आयुक्त डॉ.अजय कुमार सूरा ने अपने आदेश में कहा कि आरटीआई आवेदन में मुख्य रूप से धारा-4 के तहत अनिवार्य स्वत:प्रकटीकरण से संबंधित सूचनाएं मांगी गई थी। आयोग ने कहा कि धारा-4 प्रत्येक लोक प्राधिकरण पर यह वैधानिक दायित्व डालती है कि वह अपने कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखे और निर्धारित श्रेणियों की सूचनाओं का सक्रिय रूप से प्रसार करे, ताकि नागरिकों को व्यक्तिगत आरटीआई आवेदन दाखिल करने की आवश्यकता न पड़े। धारा-4 के पीछे विधायी मंशा अधिकतम प्रकटीकरण और औपचारिक सूचना मांगने की प्रक्रिया का न्यूनतम उपयोग सुनिश्चित करना है।

सुनवाई के दौरान विभाग की ओर से कहा गया कि मांगी गई सूचना जीएसटी, वैट, आबकारी, प्रवर्तन, विधिक, कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी, लेखा और प्रशासन समेत कई शाखाओं से संबंधित है तथा उसकी शाखा से जुड़ी जानकारी नौ जून, 2026 के पत्र के माध्यम से उपलब्ध करा दी गई है।

हालांकि आयोग ने पाया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि आरटीआई आवेदन को निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित शाखाओं अथवा नामित लोक सूचना अधिकारियों को स्थानांतरित किया गया था।

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