दिल्ली रेस्टोरेंट अग्नि दुखांतिका में काल का ग्रास बनी दम्पती की एक साथ उठी अर्थी

The funeral processions of the couple who died in the Delhi restaurant fire tragedy were carried together.

अजमेर, 05 जून(हि.स.)। दिल्ली रेस्टोरेंट अग्नि दुखांतिका में काल का ग्रास बने अजमेर के गुलाब बाड़ी निवासी जंवरीलाल अग्रवाल और कमला देवी की शुक्रवार को एक साथ अर्थी उठाई गई। अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। आस पड़ौस के लोग ही नहीं पूरे क्षेत्र और कॉलोनी के लोगों ने पुष्प वर्षा कर जोड़े को अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा जिस भी मार्ग से गुजरी सड़क गुलाब की पंखुडियों से सराबोर हो गई। पड़ौसियों के आंखों से आंसू अविरल बहते दिखाई दिए। सभी ने एक अच्छे, मिलनसार, सहृदयी, विनम्र, सेवाभावी पड़ौसी दम्पती के खो जाने का मलाल किया।

गौरतलब है कि जंवरी लाल अग्रवाल और उनकी पत्नी कमला देवी का शव शुक्रवार को ही अजमेर लाया गया था। सुबह 9 बजे दोनों के शव अजमेर पहुंचे इस दौरान गुलाब बाड़ी स्थित घर के बाहर अग्रवाल समाज के स्वजातिय बंधु, आस पड़ौस के लोग, सहकर्मी, रिश्तेदारों की भीड़ जुट चुकी थी। जंवरीलाल और उनकी पत्नी कमलादेवी की अर्थी को सजाया गया और एक साथ ही नम आंखों से उठाया गया। इस दौरान अमेरिका से जंवरीलाल का पुत्र एवं जयपुर से पुत्री पर रिश्तेदार अजमेर पहुंच गए थे।

पड़ौसियों ने बताया कि वे जब दिल्ली अस्पताल में भर्ती अपने रिश्तेदार की कुशलक्षेम पूछने जा रहे थे उसके एक दिन पहले ही उन्होंने कमलादेवी का जन्म दिन मनाया था और अजमेर में निकलने वाली भगवान जगनन्नाथ यात्रा के प्रसाद के लिए अपनी सहयोग राशि भी जमा कराई थी। बताते है कि जंवरी लाल अग्रवाल का अपने पड़ौसियों से बहुत ही आत्मीय व्यवहार था। यहां से जाने से पहले वे पड़ौसियों को पीछे से उनके घर का ध्यान रखने की कहकर ही निकले थे। पड़ौसियों ने उनकी मिलनसारिता के किस्से सुनाते हुए स्वयं फफक फफक कर रोते हुए एक अच्छे पड़ौसी दम्पती के खोने का मलाल किया। करीब सवा बारह बजे क्षेत्रीय मोक्षधाम पर जवरीलाल दम्पती को उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी।

ध्यानरहे कि इस दुखांतिका में करीब 21 लोगों की मौत हुई थी इनमें अजमेर की जंवरीलाल दम्पती के अलावा किशनगढ़ के एक अन्य रिश्तेदार की भी मृत्यु हो गई थी।

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