CBSE का 12वीं का रिजल्ट जारी:85.20% स्टूडेंट पास, पिछले साल से 3% कम; SMS भेजकर या Digilocker-Umang पर ऐसे चेक करें मार्कशीट
- DSS Admin
- May 13, 2026
CBSE यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। कुल 85.20% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। यह पिछले साल से 3% कम है। इस बार कॉपियां ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के तहत चेक की गई हैं। कैंडिडेट्स cbse.gov.in पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। अगर स्टूडेट्स के मोबाइल में इंटरनेट न हो या सर्वर डाउन हो तो सब्जेक्ट वाइज अंक जानने के लिए एसएमएस भेजकर रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि ऑनलाइन स्कोर कार्ड मान्य नहीं होगा। छात्रों के लिए अपने स्कूल से ओरिजिनल मार्कशीट लेना जरूरी है। मेरिट लिस्ट जारी नहीं होगी CBSE बोर्ड मेरिट लिस्ट जारी नहीं करता है। इसके अलावा रिजल्ट में कोई टॉपर भी घोषित नहीं किया जाता है। बोर्ड सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को ये निर्देश देता है कि किसी भी बच्चे को स्कूल या जिले का टॉपर घोषित न करें। त्रिवेंद्रम का रिजल्ट फिर बेस्ट, प्रयागराज फिर सबसे पीछे त्रिवेंद्रम रीजन में 95.62% स्टूडेंट पास हुए। जो देशभर में सबसे ज्यादा है। वहीं, प्रयागराज रीजन 72.43% रिजल्ट के साथ सबसे नीचे रहा है। पिछले साल भी त्रिवेंद्रम का रिजल्ट सबसे ज्यादा और प्रयागराज का सबसे कम रहा था। अपार आईडी न होने पर क्या करें यदि किसी के पास APAAR ID नहीं है, तो उन्हें अपना अकाउंट बनाना होगा। हालांकि, जिन छात्रों की APAAR ID CBSE से लिंक है, उन्हें रिजल्ट जारी होने के बाद डिजिलॉकर के 'Issued Documents' सेक्शन में अपनी मार्कशीट मिल जाएगी। यहां देखें CBSE 12वीं का रिजल्ट 12वीं बोर्ड रिजल्ट चेक करने के लिए जरूरी डिटेल्स ऐसे चेक करें SMS से रिजल्ट ऐसे चेक करें डिजिलॉकर से रिजल्ट हर विषय में 33% अंक लाना जरूरी : सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा पास करने के लिए छात्रों को कुल अंको के साथ हर विषय में कम से कम 33% अंक लाना होगा। इससे कम अंक आने पर उन्हें उस विषय में फेल माना जाएगा। जो छात्र 1 सब्जेक्ट में फेल होंगे, उन्हें कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होकर साल बचाने का मौका दिया जाएगा। लेकिन 2 या उससे अधिक सब्जेक्ट में फेल होने वाले छात्रों को दोबारा 12वीं क्लास में बैठना होगा। सीबीएसई 12वीं 2025 में 88.39% अंक प्राप्त किए थे। जिसमें साल 2024 की तुलना में 0.41% की बढ़ोतरी हुई थी। पिछले साल लड़कों को पीछे छोड़ते हुए 91% लड़कियां पास हुई थी।

