गुजरात में ब्रेनडेड अंगदाताओ से 2 साल में 856 अंग मिले : ऋषिकेश पटेल
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- Mar 19, 2025

•स्वास्थ्य मंत्री में विधानसभा में बताया अंगदान से मिले अंगों के ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन
• एनओटीटीओ के वेबपोर्टल पर राज्य के 35,008 लोगों ने अंगदान की प्रतिज्ञा की
अहमदाबाद, 19 मार्च (हि.स.)। स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेष पटेल ने विधानसभा सदन में प्रश्नकाल के दौरान अंग दान से संबंधित सवाल के जवाब में स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य में ब्रेन-डेड अंग दाताओं से प्राप्त अंगों को दूसरे व्यक्ति में प्रत्यारोपित करने की आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और ऑनलाइन है। प्रत्यारोपण के लिए पंजीकरण से लेकर प्रत्यारोपण के समय तक की पूरी प्रक्रिया में कदाचार या दुर्भावना के लिए कोई जगह नहीं है।
मंत्री ने विधानसभा में कहा कि हाल के वर्षों में गुजरात राज्य में अंग दान और प्रत्यारोपण की गतिविधि में तेजी आई है। परिणामस्वरूप, पिछले दो वर्षों में राज्य में कुल 856 सरकारी हॉस्पिटल और निजी हॉस्पिटल में अंग प्राप्त गए। जिसमें 464 किडनी, 235 लीवर, 65 हृदय, 68 फेफड़े, 03 अग्न्याशय, 8 छोटी आंत और 13 हाथ दान किये गये। अहमदाबाद सिविल अस्पताल को भी दो वर्षों में कुल 282 अंग दान प्राप्त हुए हैं। राज्य में अंगदान की गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए किये गये कार्यों के संबंध में मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) की स्थापना की गयी है। यानी प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से एसओटीटओ (स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) को 7 करोड़ रुपये का फंड प्रदान किया गया है। राज्य के हॉस्पिटल अंग दान गतिविधियों में शामिल हो और अधिकतम अंग दान कराने में भूमिका अदा करें, इसके लिए अंग दान कराने वाले हॉस्पिटल को हरेक केस पर 50,000 रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। (मरीज को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद अंग प्राप्त होने तक दिए गए किसी भी चिकित्सा उपचार से संबंधित खर्चों के लिए)
इस तरह होती है अंगदान की प्रक्रिया
यदि किसी निजी रिट्रीवल हॉस्पिटल में कोई अंग दाता है, तो उनके अंगों को 1, 3 और 5 क्रमांक में निजी हॉस्पिटलों को आवंटित किया जाता है। अंग संख्या 2 और 4 सरकारी अस्पतालों को आवंटित किए जाते हैं। यदि सरकारी हॉस्पिटल में अंग दाता हैं, तो उनके अंगों को 1, 3 और 5 क्रमांक से सरकारी हॉस्पिटलों में आवंटित किया जाता है। अंग संख्या 2 और 4 निजी हॉस्पिटलों को आवंटित किए जाते हैं। यदि मेडिसिटी कैंपस हॉस्पिटल में कोई अंग दाता उपलब्ध है, तो अंगों को मेडिसिटी कैंपस हॉस्पिटलों को आवंटित किया जाता है।
अंगों के ट्रांसप्लांट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया
राज्य उपयुक्त प्राधिकरण समिति के जरिए अनुमोदित प्रत्यारोपण हॉस्पिटलों को एसओटीटीओ (सोट्टो)-गुजरात और एनओटीटीओ (नोट्टो) दिल्ली की ओर से लॉगिन आईडी और पासवर्ड प्रदान की जाती है। अंग प्रत्यारोपण जरूरत वाले मरीजों को इनमें से किसी भी प्रत्यारोपण हॉस्पिटल से संपर्क करना होगा और अंग दान प्रतीक्षा सूची में नामांकन करने के लिए एसओटीटीओ (सोट्टो)-गुजरात और एनओटीटीओ (नोट्टो) दिल्ली की वेबसाइटों पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। राज्य में अंगदान की जरूरत वाले मरीज को उसके शारीरिक कष्ट स्कोर के आधार पर मेरिट के आधार पर अंग उपलब्ध होते ही अंग प्रत्यारोपण किया जाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिनोद पाण्डेय