बाढ़ की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार : जिलाधिकारी
- DSS Admin
- Jun 07, 2026
कानपुर, 07 जून (हि.स.)। गंगा और यमुना नदियों में संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। बाढ़ की स्थिति में लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। यह बातें रविवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों के संबंध में कहीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत कानपुर के नदी तटीय इलाकों में सुरक्षा और सघन निगरानी के लिए 35 नई बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों पर नायब तहसीलदारों और लेखपालों की चौबीसों घंटे ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इस बार प्रशासन ने नाव और मोटरबोट की व्यवस्था सीधे अपने नियंत्रण में ली है। पहले यह व्यवस्था ग्राम स्तर पर की जाती थी, लेकिन अब जिला प्रशासन स्वयं 121 नाव और मोटरबोट किराये पर लेकर संचालित करेगा। सभी नावों की पहचान कर सूची पहले से तैयार कर ली गई है, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
इसके अलावा जल क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाओं या अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए 60 प्रशिक्षित गोताखोरों की पहचान कर उनके संपर्क विवरण सुरक्षित रखे गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल मौके पर भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग को भी पूरी तरह सतर्क किया गया है। बाढ़ के दौरान फैलने वाली बीमारियों और मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए डॉक्टरों की विशेष टीमें दवाओं और आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहेंगी। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को भी सभी आवश्यक संसाधन जुटाने और सुरक्षात्मक उपाय समय से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने कटरी शंकरपुर, शंकरपुर सराय, ख्योरा कटरी, हिंदूपुर, कटरी ज्योरा, प्रतापपुर हरि, कटरी लक्ष्मीखेड़ा, कटरी लोधवाखेड़ा, अकबरपुर बीरबल बांगर एवं कछार, मकरंदपुर कछार, अमिरातेपुर, गराठा, गौरा छजमल और हरदौली समेत कई संवेदनशील गांवों को चिह्नित किया है, जहां विशेष निगरानी रखी जाएगी।
शुक्लागंज में गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 113 मीटर, खतरे का निशान 114 मीटर और बाढ़ का निशान 114.75 मीटर निर्धारित है। वहीं शेरपुर घाट पर यमुना नदी का चेतावनी बिंदु 112.07 मीटर, खतरे का निशान 113.07 मीटर तथा बाढ़ का निशान 118.90 मीटर तय किया गया है।
बाढ़, जलभराव या अन्य आपदा संबंधी सूचना के लिए प्रशासन ने 9415576825 और 0512-2985077 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इन नंबरों पर संपर्क कर लोग सीधे कंट्रोल रूम को सूचना दे सकते हैं।

