जोरहाट (असम), 08 जून (हि.स.)। विद्या भारती से संबद्ध संस्था शिशु शिक्षा समिति, असम की वार्षिक सामान्य सभा का आयोजन जोरहाट के गढ़मूर स्थित शंकरदेव विद्या निकेतन में किया गया। सोमवार को दी गई जानकारी के अनुसार 7 जून की संध्या सम्पन्न हुई इस सभा का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर असम महिला विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अजन्ता बूढ़ागोहाईं राजकोंवर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर असम प्रांत के प्रांत प्रचारक नृपेन बर्मन, विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री डॉ. पवन तिवारी, सचिव डॉ. जगदीन्द्र राय चौधुरी, शिशु शिक्षा समिति, असम के अध्यक्ष कुलेन्द्र कुमार भागवती तथा महासचिव जगन्नाथ राजवंशी ने किया।
इस अवसर पर शिशु शिक्षा समिति, असम के उपाध्यक्ष डॉ. अलकानंद बरुवा एवं अनिमा शर्मा, विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र के वरिष्ठ सदस्य योगेन्द्र सिंह सिसोदिया सहित अनेक शिक्षाविद एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गुवाहाटी के जू-रोड स्थित कार्यालय से मीडिया को जानकारी देते हुए शिशु शिक्षा समिति, असम के प्रचार संयोजक मुकुटेश्वर गोस्वामी ने आज बताया कि समिति के अध्यक्ष कुलेन्द्र कुमार भागवती की अध्यक्षता में आयोजित सभा में महासचिव जगन्नाथ राजवंशी ने सभा के उद्देश्य पर प्रकाश डाला तथा पिछली वार्षिक सामान्य सभा के प्रस्ताव एवं कार्यवृत्त प्रस्तुत किए।
मुख्य अतिथि के रूप में सभा को संबोधित करते हुए डॉ. अजंता बूढ़ागोहाईं राजकोंवर ने समन्वित शिक्षा, आधुनिक शिक्षण व्यवस्था तथा अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से विद्यार्थियों में उत्कृष्टता विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि उनके विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ‘माया’ नामक रोबोट के माध्यम से बच्चों को शिक्षा प्रदान कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई है।
सभा में शिशु शिक्षा समिति, असम के गत वर्ष के आय-व्यय विवरण तथा आगामी वर्ष का बजट असम प्रकाशन भारती के सचिव दीपांकर बोरा ने प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त विद्या भारती के विभिन्न केंद्रीय एवं आधारभूत विषयों, अभिलेखागार, प्रशिक्षण, मातृ भारती, शिशु वाटिका तथा खेलकूद आदि विषयों पर पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई।
शिशु शिक्षा समिति, असम के अंतर्गत संचालित शंकरदेव शिशु निकेतनों में दीर्घकाल तक प्रधानाचार्य एवं संकुल प्रमुख के रूप में अपनी दक्षता, ईमानदारी, अनुशासन, नियमितता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए गढ़मूर, जोरहाट की पूर्व प्रधानाचार्या वर्णाली बरुवा तथा नारायणपुर, लखीमपुर के प्रधानाचार्य विनोद कृष्ण शर्मा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इसी सभा में शिशु शिक्षा समिति, असम की त्रैमासिक ई-पत्रिका ‘महाबाहु संवाद’ के वार्षिक अंक का विमोचन किया गया। साथ ही हाईस्कूल शिक्षांत परीक्षा में पिछले 30 वर्षों (1996–2026) के शीर्ष स्थान प्राप्त विद्यार्थियों की शैक्षिक यात्रा पर आधारित एक महत्वपूर्ण दस्तावेज का भी लोकार्पण किया गया।
अंत में शिशु शिक्षा समिति, असम के अध्यक्ष कुलेन्द्र कुमार भागवती ने सभी उपस्थित जनों को शुभकामनाएं दीं तथा गढ़मूर निकेतन के आचार्य-आचार्याओं, विद्यार्थियों एवं समस्त कार्यकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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