अररिया 30 मई(हि.स.)।जिलाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में सीमावर्ती क्षेत्रों में डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी के गठन एवं दुग्ध संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को लेकर शनिवार को बैठक हुई। जिसमें जिला गव्य विकास पदाधिकारी, सुधा डेयरी के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादकों को संगठित कर डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी के गठन पर चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने जिला गव्य विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि आगामी 15 दिनों के अंदर डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी का गठन सुनिश्चित किया जाए तथा दुग्ध उत्पादकों को इससे जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
साथ ही, सुधा डेयरी के अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश देते हुए कहा गया कि सोसाइटी गठन के उपरांत नियमित रूप से दूध उठाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके।
डीएम ने कहा कि डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी का गठन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे न केवल पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि स्वरोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें संगठित डेयरी व्यवस्था के माध्यम से बेहतर आर्थिक अवसरों में परिवर्तित किया जा सकता है।

