
31 दिन की अंतरिम जमानत खत्म होने पर जेल लौटा, याचिका पर सुनवाई बुधवार काे
जोधपुर, 1 अप्रेल (हि.स.)। अपने ही आश्रम की नाबालिग छात्रा से रेप करने का दोषी आसाराम ने जमानत अवधि खत्म होने पर मंगलवार को फिर जोधपुर की सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत 31 मार्च को समाप्त हो गई है। आसाराम के वकील ने जमानत अवधि बढ़ाने के लिए याचिका दाखिल की है, जिस पर कोर्ट दो अप्रैल को सुनवाई करेगा।
कोर्ट में 29 से 31 मार्च तक छुट्टी के बाद मंगलवार को आसाराम के वकील निशांत बोड़ा ने सुनवाई का आग्रह किया था। इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद आसाराम को तीन महीने की अंतरिम जमानत दी गई है। राजस्थान हाईकोर्ट के वकील दिनेश जैन ने बताया कि आसाराम की ओर से अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने के आवेदन पर बुधवार को सुनवाई होगी। यदि कोर्ट अंतरिम जमानत की अवधि नहीं बढ़ाती है तो आसाराम को जेल में ही रहना होगा। जब तक दोनों ही मामलों में उसे राहत नहीं मिलती है, तब तक वह जेल से बाहर नहीं आ सकेगा।
लंबित है एक्सटेंशन एप्लिकेशन
आसाराम की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में पहले से एक याचिका नियमित जमानत के लिए लगाई गई थी। उसमें राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आने पर याचिका को वापस ले लिया गया था। इसके बाद एक अन्य याचिका अंतरिम जमानत बढ़ाने को लेकर दायर की गई थी। राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को पहले गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर करने को कहा गया। जोधपुर में पेश याचिका पर 27 मार्च को सुनवाई होनी थी, लेकिन तब तक गुजरात हाईकोर्ट का फैसला नहीं आया था। इसके चलते यह याचिका लंबित रखी गई है। वहीं गुजरात में 25 मार्च को सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। 28 मार्च को फैसला सुनाया गया, लेकिन दो जजों की बैंच में एक जज की हां और दूसरे की ना के चलते अनिर्णय की स्थिति बन गई। तब गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने प्रकरण एक अन्य जज को ट्रांसफर किया। तीसरे जज की आसाराम को अंतरिम जमानत देने के निर्णय पर दो-एक के निर्णयानुसार आसाराम के पक्ष में फैसला हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश