असम विस में नेता प्रतिपक्ष को लेकर कांग्रेस में घमासान, वाजेद अली चौधरी ने ठोका दावा
- DSS Admin
- May 18, 2026
गुवाहाटी, 18 मई, (हि.स.)। असम विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर पार्टी के भीतर खींचतान तेज हो गई है। वरिष्ठ कांग्रेस विधायक वाजेद अली चौधरी ने खुलकर इस पद पर अपना दावा ठोकते हुए कहा है कि अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर उन्हें ही नेता प्रतिपक्ष बनाया जाना चाहिए।
वाजेद अली चौधरी ने कहा कि मैं कांग्रेस का अनुभवी विधायक हूं, इसलिए मुझे नेता प्रतिपक्ष बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस से मुस्लिम विधायक बनकर जीतना कोई अपराध नहीं हो सकता। उनके इस बयान को कांग्रेस पर लग रहे ‘मुस्लिम दल’ बनने के आरोपों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
विधानसभा में 19 विधायकों के साथ विपक्ष की सीट पर बैठी कांग्रेस अब तक अपने नवनिर्वाचित विधायकों की औपचारिक बैठक तक नहीं कर पाई है। लेकिन पार्टी के भीतर इस बात को लेकर जोरदार चर्चा चल रही है कि सदन के भीतर कांग्रेस विधायकों का नेतृत्व आखिर कौन करेगा।
126 सदस्यीय असम विधानसभा में कांग्रेस के 19 विधायक चुने गए हैं, जिनमें से 18 विधायक मुस्लिम समुदाय से आते हैं। जयप्रकाश दास को छोड़कर पार्टी में दूसरा कोई हिंदू विधायक नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष लगातार कांग्रेस पर हमला बोल रहा है और उसे मुस्लिम केंद्रित दल करार दे रहा है।
विधानसभा के संशोधित नियमों के अनुसार सदन में 10 प्रतिशत सदस्य संख्या रखने वाला विपक्षी दल नेता प्रतिपक्ष का आधिकारिक दर्जा पा सकता है। कांग्रेस के पास 19 विधायक होने के कारण पार्टी इस पद की हकदार है। इस पद के साथ कैबिनेट मंत्री का दर्जा और कई सरकारी सुविधाएं भी जुड़ी हुई हैं।
हालांकि, नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर कांग्रेस में कई गुट बन चुके हैं। पांच बार विधायक रहे वाजेद अली चौधरी वरिष्ठता के आधार पर मजबूत दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन वरिष्ठ नेता रकीबुल हुसैन के साथ उनके संबंध अच्छे नहीं बताए जाते। यही वजह है कि उनके नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है।
चार बार विधायक चुने गए रेकिबुद्दीन अहमद भी इसी तरह की अंदरूनी राजनीति का शिकार बताए जा रहे हैं। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवव्रत सैकिया अपने करीबी जाकिर हुसैन सिकदर को इस पद पर देखना चाहते हैं। सिकदर लगातार तीसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं।
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई की पसंद नुरुल हुदा बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर रकीबुल हुसैन अपने करीबी और पहली बार विधायक बने जयप्रकाश दास को नेता प्रतिपक्ष बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान ने अंतिम फैसला लेने की जिम्मेदारी गौरव गोगोई पर छोड़ दी है। लेकिन किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनने से पार्टी असमंजस में फंसी हुई है। जयप्रकाश दास को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने पर पार्टी के भीतर विरोध की आशंका है, जबकि उन्हें नजरअंदाज करने पर भी नए विवाद खड़े हो सकते हैं।
फिलहाल, कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष का चयन टलता नजर आ रहा है, हालांकि दौड़ में जयप्रकाश दास और नुरुल हुदा सबसे आगे बताए जा रहे हैं।
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