असम-मेघालय सीमा विवाद समाधान प्रक्रिया तेज करने पर सहमत : मुख्यमंत्री सरमा
- DSS Admin
- May 29, 2026
गुवाहाटी, 29 मई, (हि.स.)। असम और मेघालय ने दशकों पुराने अंतरराज्यीय सीमा विवाद के स्थायी समाधान की दिशा में सीमा निर्धारण प्रक्रिया को तेज करने पर सहमति जताई है। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच लोक सेवा भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।
बैठक में असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा का स्वागत किया। असम में नई सरकार के गठन के बाद दोनों राज्यों के बीच यह पहली औपचारिक उच्चस्तरीय वार्ता मानी जा रही है।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने सीमा विवाद के दूसरे चरण की प्रगति की समीक्षा की तथा शेष विवादित क्षेत्रों में मैदानी सर्वेक्षण और प्रशासनिक समन्वय को तेज करने पर जोर दिया। दोनों राज्यों के बीच लगभग 884 किलोमीटर लंबी साझा सीमा के कई हिस्सों में अभी भी विवाद बना हुआ है।
सीमा विवाद के अलावा बैठक में आधारभूत संरचना विकास, सड़क एवं परिवहन संपर्क, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। दोनों मुख्यमंत्रियों ने पूर्वोत्तर राज्यों के बीच बेहतर समन्वय को क्षेत्रीय विकास के लिए आवश्यक बताया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को कहा कि असम और मेघालय केंद्र सरकार की “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना के अनुरूप पूर्वोत्तर क्षेत्र की विकास क्षमता को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि, असम-मेघालय सीमा विवाद वर्ष 1972 से चला आ रहा है, जब मेघालय को असम से अलग कर नया राज्य बनाया गया था। मार्च, 2022 में दोनों राज्यों ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी में एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत 12 में से छह विवादित क्षेत्रों का समाधान किया गया था।
यह बैठक शेष छह विवादित क्षेत्रों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
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