हाथियों के तांडव से फसल बर्बाद, किसानों ने दी आत्महत्या की धमकी

बांकुड़ा, 20 जनवरी (हि. स.)। जिले में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो हाथियों का ताण्डव ने ग्रामवासियों की नींद उड़ा दी है ताजा घटना सोमवार देर रात बेलियातौड़ ब्लॉक के सागराकाटा गांव में 10 से अधिक हाथियों के एक दल ने जमकर तांडव मचाया, जिससे कई बीघा जमीन पर लगी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। यह देख आक्रोशित ग्रामीणों और महिलाओं ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और उचित मुआवजा न मिलने पर आत्महत्या तक की चेतावनी दी है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हाथियों के दल ने आलू, सरसों और गेहूं की खड़ी फसल को रौंद डाला। प्रभावित किसानों का आरोप है कि वन विभाग की 'हुला पार्टी' (हाथियों को भगाने वाला दस्ता) की लापरवाही के कारण यह घटना घटी। ग्रामीणों ने दावा किया कि जब हाथी खेतों में फसल उजाड़ रहे थे, तब हुला पार्टी के पास उन्हें भगाने के लिए न तो पर्याप्त तेल था और न ही मशालें।

पीड़ित महिला किसान वंदना घोष ने दुख साझा करते हुए कहा कि हाथियों ने मेरी तीन बीघा जमीन की आलू की फसल बर्बाद कर दी। अब हमारे पास खाने को कुछ नहीं बचा है। अगर सरकार ने जल्द मुआवजा नहीं दिया, तो हमारे पास कीटनाशक खाकर जान देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।

एक अन्य किसान गुरुपद मंडल ने बताया कि हाथी रात करीब डेढ़ बजे गांव में घुसे थे, लेकिन सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे।

इधर, घटना की सूचना मिलने पर मंगलवार को वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी प्रभावित गांव पहुंचे। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि लगभग 15 प्रभावित किसानों की सूची तैयार की गई है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

बेलियातौड़ रेंज के प्रभारी गौरव शर्मा ने कहा कि नुकसान की रिपोर्ट डिवीजनल कार्यालय को भेज दी गई है और सरकारी नियमों के अनुसार जल्द ही मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

   

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