स्वच्छता, पर्यावरण और जनभागीदारी का संगम बना ‘स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु’ अभियान : ओ.पी. राजभर
- DSS Admin
- Jun 04, 2026
विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशभर में गूंजेगा ‘स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु’ का संकल्प
लखनऊ, 04 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर 01 से 05 जून तक प्रदेशभर में ‘स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु’ (एसजीएसजे) अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में समुदाय आधारित स्वच्छता को बढ़ावा देना, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करना, प्लास्टिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता विकसित करना है।
अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायतों, स्थानीय समुदायों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं एवं विभिन्न हितधारकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। इसके माध्यम से स्वच्छता, सतत अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी तथा जलवायु अनुकूल व्यवहार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
अभियान के प्रथम दिवस 01 जून को जनपदों में जिलाधिकारी, सीडीओ, डीडी पंचायतीराज एवं डीपीआरओ की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पचास हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। जिसमें 2 लाख,13 हजार 183 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। इस कार्यशाला में एसडब्ल्यूएम नियम-2026, सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों तथा ग्रामीण स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
02 जून को 24 हजार 815 ग्राम पंचायतों से 1 लाख 35 हजार 761 पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीणों द्वारा ग्राम पंचायतों में स्थापित सामुदायिक ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन परिसंपत्तियों का मूल्यांकन एवं सत्यापन किया गया। इस दौरान ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं समुदाय के सदस्यों ने संसाधनों की क्रियाशीलता का आकलन कर उनकी स्थिति का परीक्षण किया।
03 जून को ग्राम पंचायत स्तर पर 7 हजार 824 Bulk Waste Generator (BWG) की पहचान कर उनकी सूची तैयार की गई, जिससे अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
04 जून को प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रभात फेरियां, नुक्कड़ नाटक, संवाद कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान, पेंटिंग प्रतियोगिताएं तथा सामुदायिक सहभागिता आधारित गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को मिशन लाइफ, जल संरक्षण, कचरा पृथक्करण, किचन गार्डन तथा पर्यावरण संरक्षण के विषय में जागरूक किया गया। साथ ही विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
अभियान के अंतिम दिवस 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर ष्एक पेड़ मां के नामष् अभियान के तहत पौधारोपण किया जाएगा तथा ग्राम सभाओं में स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु अभियान के उद्देश्यों एवं उपलब्धियों पर चर्चा होगी। साथ ही ग्रामीणों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026, अपशिष्ट के चार-स्तरीय पृथक्करण, कम्पोस्टिंग, ठनसा Bulk Waste Generator की भूमिका तथा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही ‘मेरा तालाब-मेरी जिम्मेदारी’ के तहत भी 826 ब्लाक द्वारा चयनित तालाबों के आस-पास साफ-सफाई एंवम वृहद वृक्षारोपण का कार्यक्रम किया जाएगा।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि ‘स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु’ अभियान केवल स्वच्छता का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का एक जनआंदोलन है। ग्राम पंचायतों की सक्रिय भूमिका से हम स्वच्छ, हरित और सतत ग्रामीण विकास के लक्ष्य को साकार कर रहे हैं।
वहीं इस अभियान को लेकर मिशन निदेशक (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण यूपी) गुंजन द्विवेदी ने कहा कि यह अभियान ग्रामीण समुदायों को स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने का प्रभावी माध्यम है। जनसहभागिता से गांवों में स्वच्छता और सतत विकास की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित हो रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है। अभियान के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को स्वच्छ, हरित एवं सतत भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
---------------

