बंगाईगांव रिफाइनरी ने स्वच्छता पखवाड़ा 2026 का किया शुभारंभ

बोंगाईगांव रिफाइनरी ने स्वच्छता पखवाड़ा 2026 का भव्य शुभारंभ मेगा स्वच्छता अभियान एवं सामुदायिक पर्यावरणीय पहलों के साथ किया।बोंगाईगांव रिफाइनरी ने स्वच्छता पखवाड़ा 2026 का भव्य शुभारंभ मेगा स्वच्छता अभियान एवं सामुदायिक पर्यावरणीय पहलों के साथ किया।

बंगाईगांव (असम), 01 जुलाई (हि.स.)। पर्यावरणीय स्वच्छता एवं सामुदायिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करते हुए इंडियन ऑयल की बंगाईगांव रिफाइनरी ने 01 जुलाई को स्वच्छता पखवाड़ा 2026 का शुभारंभ किया। स्वच्छता हर किसी की जिम्मेदारी है विषयवस्तु पर आधारित यह पखवाड़ा 15 जुलाई तक मनाया जाएगा।

अभियान का शुभारंभ व्यापक जनभागीदारी, नीति-सुदृढ़ीकरण तथा समुदाय-केंद्रित गतिविधियों की एक श्रृंखला के साथ हुआ, जिसका उद्देश्य स्वच्छता को जन-जन की आदत बनाना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वच्छ एवं हरित समाज के निर्माण में सक्रिय सार्वजनिक सहभागिता सुनिश्चित करना है।

उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि सिदली के विधायक पानी राम ब्रह्म; बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) के कार्यकारी सदस्य (वन) तथा काजलगांव नगर पालिका बोर्ड, चिरांग के अध्यक्ष थे। कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी सेवाएं एवं एचएसई) मिहिर सिंघल, मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी) श्यामल हल्दार, रिफाइनरी के महाप्रबंधकगण, इंडियन ऑयल ऑफिसर्स एसोसिएशन (आईओओए) एवं बंगाईगांव रिफाइनरी कर्मचारी संघ (बीजीआरईयू) के प्रतिनिधि, कर्मचारी, संविदा कर्मी, स्थानीय नागरिक तथा सामुदायिक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वच्छता शपथ के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता बनाए रखने तथा अपने दैनिक जीवन में सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया। सम्मान एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक के रूप में अतिथियों को पुनर्चक्रित सामग्री से निर्मित पौधाधार (रीसाइकल्ड प्लांटर) तथा असम की पारंपरिक अरनोई भेंट कर सम्मानित किया गया, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिभागियों के बीच पुनः उपयोग योग्य जूट के थैले वितरित किए गए, जिससे एकल-उपयोग प्लास्टिक के प्रयोग में कमी लाने का संदेश दिया गया। इसके साथ ही कचरे के पृथक्करण एवं सतत अपशिष्ट प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए 25 सामान्य डस्टबिन तथा 25 हरित बांस से निर्मित डस्टबिन काजलगांव म्युनिसिपल बोर्ड को प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में सामाजिक जागरूकता का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाने हेतु कलाकारों द्वारा एक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है तथा स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

उद्घाटन समारोह का प्रमुख आकर्षण ई-स्वच्छता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करना रहा। यह रथ स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण कर स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक उपयोग में कमी तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाएगा।

कार्यक्रम का समापन बंगाईगांव रिफाइनरी के सामने स्थित एनएच-27 अंडरपास पर आयोजित स्वच्छता अभियान के साथ हुआ, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने का सामूहिक संकल्प प्रदर्शित किया।

सभा को संबोधित करते हुए मिहिर सिंघल ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संस्कृति है। उन्होंने सभी से सतत जीवनशैली अपनाने, अपशिष्ट उत्पादन कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने पुनः दोहराया कि इंडियन ऑयल अपने परिचालनों में सतत विकास के सिद्धांतों को समाहित करने के साथ-साथ समाज को भी स्वच्छता अभियान का सहभागी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि पानी राम ब्रह्म ने इंडियन ऑयल बंगाईगांव रिफाइनरी की सराहना करते हुए कहा कि रिफाइनरी केवल औद्योगिक उत्पादन तक सीमित न रहकर समाज एवं पर्यावरण के हित में भी उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उन्होंने सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने के लिए रिफाइनरी की प्रशंसा की तथा नागरिकों से स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने का आग्रह किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ एवं हरित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।

स्वच्छता पखवाड़ा के उद्घाटन दिवस ने 15 जुलाई तक आयोजित होने वाली बहुआयामी गतिविधियों की एक प्रभावशाली शुरुआत की। आगामी दिनों में स्थानीय विद्यालयों में स्वच्छता अभियान, स्थानीय महिलाओं के लिए विशेष अपशिष्ट पुनर्चक्रण कार्यशालाएं, वृक्षारोपण अभियान तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे नई पीढ़ी में स्वच्छ एवं हरित सोच को प्रोत्साहित किया जा सके।

   

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