मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने, राहत कार्य तेज करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने के निर्देश दिए
- Sanjay Kulshrestha
- Jul 20, 2026
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने, राहत कार्य तेज करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने के निर्देश दिए
जम्मू। स्टेट समाचार
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को सिविल सचिवालय, जम्मू में उच्चस्तरीय बैठक कर लगातार हो रही बारिश, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से पुंछ और राजौरी में हुए नुकसान तथा पूरे जम्मू-कश्मीर में मौसम संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारियों का जायजा लिया गया। बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने फ्लैश फ्लड में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है तथा राहत, पुनर्वास और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी उपायुक्तों और संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने, भूस्खलन और बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने तथा बचाव दलों, मशीनरी और आवश्यक सेवाओं को हर समय तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने लापता लोगों की तलाश में तेजी लाने पर भी जोर दिया। बैठक में मुख्यमंत्री ने खाद्यान्न, दवाइयों, पेयजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बारिश से प्रभावित सडक़ों, बिजली, पेयजल योजनाओं और संचार सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राहत और पुनर्वास के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध है तथा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि पूरे जम्मू-कश्मीर में दवाइयों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और जलजनित एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित राहत कार्य और प्रभावित क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाएं जल्द बहाल करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने सेना, सीमा सडक़ संगठन (बीआरओ), एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों के नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रखने और 24 जुलाई तक प्रत्येक छह घंटे में स्थिति रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रमुख सडक़ें फिलहाल खुली हैं, जबकि भूस्खलन प्रभावित मार्गों से मलबा हटाने का कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पुंछ जिले में बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि स्कूल पहले ही 22 जुलाई तक बंद किए जा चुके हैं और उसी दिन मौसम की स्थिति की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि परिस्थितियां सामान्य रहने पर सोमवार से मंत्री विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों का जायजा लेंगे। बैठक में जम्मू और कश्मीर संभाग के मंडलायुक्तों, पुंछ, राजौरी और किश्तवाड़ के उपायुक्तों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और चल रहे राहत कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और जन-धन की सुरक्षा तथा प्रभावित लोगों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

