जिला जेल में कलेक्टर का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की परखी हकीकत
- DSS Admin
- Jul 05, 2026
बलरामपुर, 05 जुलाई (हि.स.)। बलरामपुर जिले की कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने रविवार को जिला जेल रामानुजगंज पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि जेल केवल सजा देने का स्थान नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी होना चाहिए।
निरीक्षण की शुरुआत जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था से हुई। कलेक्टर ने जेल प्रशासन से बंदियों की संख्या, सुरक्षा प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था और दैनिक संचालन की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जेल संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था हर समय पूरी तरह मजबूत रहनी चाहिए।
इसके बाद कलेक्टर अलग-अलग बैरकों में पहुंचीं और बंदियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने उनसे पूछा कि उन्हें भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य सुविधाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक बंदी का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए और किसी भी बीमारी की स्थिति में तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने बंदियों को जीवन में नई शुरुआत करने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि बीता हुआ समय बदला नहीं जा सकता, लेकिन भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि जेल में उपलब्ध समय का उपयोग सीखने, पढ़ने और खुद को बेहतर बनाने में किया जाए। उन्होंने बंदियों को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने और ज्ञानवर्धक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने जेल में संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। अधिकारियों से कहा कि अधिक से अधिक बंदियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ा जाए, ताकि जेल से बाहर निकलने के बाद वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने विशेष रूप से एसी रिपेयरिंग, मोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रीशियन सहित अन्य तकनीकी प्रशिक्षणों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जेल के रसोईघर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के रखरखाव की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि बंदियों को संतुलित, पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा रसोई और पूरे जेल परिसर में साफ-सफाई के मानकों का कड़ाई से पालन हो।
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने नियमित योग और व्यायाम की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जेल परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की जांच करने और उन्हें हमेशा चालू रखने को कहा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनी रहे।
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने जेल प्रशासन से कहा कि बंदियों के पुनर्वास को प्राथमिकता दी जाए। उनका उद्देश्य केवल सजा पूरी करना नहीं, बल्कि समाज में सम्मानजनक और जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी वापसी सुनिश्चित करना होना चाहिए। इसके लिए कौशल विकास, सकारात्मक वातावरण और बेहतर सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
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