सीएम के पहुंचने से पहले कई कांग्रेसियों को पुलिस ने किया नजरबंद
- DSS Admin
- May 17, 2026
धमतरी, 17 मई (हि.स.)। सुशासन तिहार के मद्देनजर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 17 मई को धमतरी आने का प्रोटोकाल जारी हुआ, तो पुलिस सक्रिय हो गई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस अधिकारी व जवानों की टीम सुबह से ही कई युकां व कांग्रेसी नेताओं के घर पहुंचकर उन्हें घर से ही उठाकर नजरबंद कर दिया, ताकि कार्यक्रम में किसी तरह बाधा उत्पन्न न हो। इसे लेकर कांग्रेसियों व युकांईयों में आक्रोश देखा गया। कांग्रेसियों का आरोप है कि उन्हें नहाने व खाने तक का समय नहीं दिया गया।
कांग्रेस नेता गौतम वाधवानी, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन, पार्षद दीपक सोनकर समेत कई कांग्रेसी नेताओं के घर सुबह से पुलिस अधिकारी व जवान पहुंचे। उन्हें घर से ही उठाकर पुलिस ने नजरबंद कर दिया है, ताकि वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यक्रम तक न पहुंच सके और किसी तरह विरोध प्रदर्शन न कर सके। कांग्रेस नेता दीपक सोनकर, राजा देवांगन, गौतम वाधवानी समेत अन्य नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले ही कई कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने उठाकर थाना में बिठा दिया, जो उचित नहीं है। प्रदेश में सुशासन के बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा की सरकार पर अब लोकतंत्र का गला घोंटने के आरोप लगने लगे हैं। मुख्यमंत्री के धमतरी आगमन से ठीक पहले कांग्रेस के शहर ब्लाक अध्यक्ष गौतम वाधवानी एवं उनके साथियों को पुलिस द्वारा जबरन उठाकर रूद्री थाना ले जाने की घटना निंदनीय है। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें पुलिस अपने साथ ले गया। इस घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार विपक्ष की आवाज से इतनी डर चुकी है कि अब लोकतांत्रिक तरीके से सवाल उठाने वालों को भी पुलिस के दम पर दबाया जा रहा है। यदि प्रदेश में वास्तव में सुशासन होता, तो विरोध करने वालों को थाने में बैठाने की जरूरत नहीं पड़ती। यह कार्रवाई साफ तौर पर सत्ता के दुरुपयोग और राजनीतिक बदले की भावना को दर्शाती है। लोकतंत्र में विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकार अब हर असहमति को अपराध की तरह देखने लगी है, जो उचित नहीं है।

