विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर मुख्य सचिव सख्त, विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

जयपुर, 04 जून (हि.स.)। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा है कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सभी विभागों को समयबद्धता, समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से लंबित और प्रक्रियाधीन कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव गुरुवार को शासन सचिवालय में आयोजित 11वीं शासी परिषद (गवर्निंग काउंसिल) की आगामी बैठक की तैयारियों तथा दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़े एक्शन पॉइंट्स की मध्यावधि समीक्षा के लिए आयोजित उच्च स्तरीय प्री-ब्रीफिंग बैठक को संबोधित कर रहे थे।

बैठक में उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने में मानव संसाधन विकास (ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट) की महत्वपूर्ण भूमिका है।

राज्य सरकार ने इसे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है और इसी दिशा में सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समन्वित प्रयास करने होंगे।

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों और एक्शन पॉइंट्स की प्रगति का विस्तार से आकलन किया। उन्होंने उन विभागों की सराहना की जिन्होंने निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्कृष्ट कार्य किया है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो कार्य अभी प्रक्रियाधीन हैं अथवा जिनमें प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है, उन्हें मिशन मोड में प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित हो सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के समग्र और चहुंमुखी विकास के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। मानव संसाधन विकास, नवाचार और सुशासन को मजबूत बनाकर ही विकसित राजस्थान और विकसित भारत के लक्ष्य को गति दी जा सकती है।

बैठक में विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन (रीति) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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