किशोरी पर हमले के बाद वन विभाग अलर्ट, तेंदुए को दबोचने के लिए लगाए कैमरे और पिंजरा
- DSS Admin
- May 17, 2026
– ग्रामीणों में तेंदुए की दहशत बरकरार, सुबह-शाम खेतों की ओर जाने से कतरा रहे लोग
लखीमपुर खीरी, 17 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में वन रेंज गोला के अंतर्गत तनसुख पुरवा गांव में एक किशोरी पर तेंदुए के जानलेवा हमले के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। घने खेतों और झाड़ियों में छिपे शिकारी को पकड़ने और ग्रामीणों को सुरक्षा देने के लिए वन विभाग ने खूंखार तेंदुए को पकड़ने का अभियान तेज कर दिया है। तेंदुए की सटीक लोकेशन और उसकी गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखने के लिए संभावित रास्तों पर चार अत्याधुनिक ट्रैप कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं, जबकि शनिवार को उसे सुरक्षित दबोचने के लिए एक बड़ा पिंजरा भी लगा दिया गया है। इसके बावजूद पूरे इलाके में रविवार को भी दहशत का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह तनसुख पुरवा गांव के रहने वाले देतराम की 15 वर्षीय पुत्री ज्योति जब खेतों की ओर गई थी, तभी झाड़ियों में घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया था। किशोरी की चीख-पुकार सुनकर जब तक ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके की ओर दौड़े, तब तक तेंदुआ घने जंगल की तरफ भाग निकला था। हमले में गंभीर रूप से घायल किशोरी का अस्पताल में उपचार जारी है।
इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना के बाद से ही तनसुख पुरवा और उसके आसपास के गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए की मौजूदगी के डर से लोगों ने सुबह और शाम के वक्त खेतों की ओर जाना बंद कर दिया है। विशेष रूप से महिलाएं और बच्चे घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
वन विभाग की कॉम्बिंग और पिंजरे की तैयारी
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गोला रेंजर संजीव कुमार तिवारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम लगातार प्रभावित इलाकों में कॉम्बिंग (गश्त) कर रही है। तेंदुए को इंसानी आबादी से दूर करने या पिंजरे में कैद करने के लिए हर संभावित रास्ते पर घेराबंदी की गई है। वन्यजीव टीम ग्रामीणों को जागरूक कर रही है और उन्हें अकेले खेतों में न जाने तथा हमेशा समूह (ग्रुप) में बाहर निकलने की सख्त हिदायत दे रही है।
गोला रेंजर संजीव कुमार तिवारी ने रविवार को बताया कि तेंदुए की तलाश के लिए विभागीय टीम लगातार मुस्तैद हैं। कैमरों की मदद से उसकी मूवमेंट को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि उसकी सही लोकेशन का पता चल सके। शनिवार को पिंजरा भी लगा दिया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन विभाग की टीम का सहयोग करें, सतर्क रहें और किसी भी तरह की अफवाहों से बचें।
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