ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रणाली के निजीकरण के विरोध में कातिबों और स्टांप वेंडरों का धरना

मथुरा, 09 जून(हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री प्रक्रिया की ऑनलाइन प्रणाली का निजीकरण किए जाने के विरोध में मथुरा के निबंधन कार्यालय (रजिस्ट्री दफ्तर) से जुड़े दस्तावेज लेखकों (कातिबों), स्टांप वेंडरों और मुंशियों का विरोध- प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी क्रम में मंगलवार धरना स्थल पर पहुंचकर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश धनगर ने आंदोलनकारियों से मुलाकात की और कांग्रेस पार्टी की ओर से इस प्रदर्शन को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।

धरना दे रहे लोगों को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री प्रक्रिया जैसी महत्वपूर्ण सरकारी व्यवस्था का निजीकरण करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। इस संवेदनशील प्रणाली को निजी हाथों में सौंपने से इसकी पारदर्शिता पर संदेह होना पूरी तरह लाजमी है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि देश और प्रदेश में पहले से ही बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है। ऐसे समय में सरकार दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों और मुंशियों की आजीविका को सुरक्षित करने के बजाय उससे खिलवाड़ कर रही है। ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रणाली का निजीकरण होने से इस काम से जुड़े हजारों लोग रातों-रात बेरोजगार हो जाएंगे, जिससे उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर ने बताया कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी फैसले और ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रणाली में निजीकरण का पुरजोर विरोध करती है। हम प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि वह तत्काल प्रभाव से निबंधन प्रणाली के निजीकरण के इस फैसले को वापस ले, ताकि हजारों परिवारों का भविष्य बर्बाद होने से बच सके।

इस धरना प्रदर्शन और समर्थन सभा के दौरान जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष आदित्य तिवारी (एडवोकेट), अश्वनी शुक्ला (एडवोकेट), दीपक दीक्षित (एडवोकेट), करन निषाद, गौरांग अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, दस्तावेज लेखक और मुंशी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

   

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