क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने सुधारी अपनी स्थिति

— बीएचयू पहली बार 951–1000 की श्रेणी में शामिल

वाराणसी, 19 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय ने वर्ष 2026 में 1001–1200 श्रेणी से आगे बढ़ते हुए वर्ष 2027 में 951–1000 श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है। विश्वविद्यालय के इतिहास में यह पहली बार है जब बीएचयू इस श्रेणी में शामिल हुआ है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध प्रभाव तथा वैश्विक सहभागिता के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है। शुक्रवार को यह जानकारी विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क कार्यालय ने दी।

बताया गया कि नवीनतम मूल्यांकन के अनुसार विश्वविद्यालय ने विभिन्न प्रमुख मानकों पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। प्रति संकाय उद्धरण (साइटेशन्स पर फैकल्टी) का स्कोर 18.8 से बढ़कर 20.8 हो गया है, जो यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय के शोध कार्यों को वैश्विक स्तर पर अधिक मान्यता प्राप्त हो रही है। अंतर्राष्ट्रीय शोध नेटवर्क का स्कोर 59.3 से बढ़कर 67.4 हो गया है, जिससे विश्वभर के विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों के साथ काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के बढ़ते सहयोग का संकेत मिलता है। इसके अतिरिक्त, अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी अनुपात में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जो विश्वविद्यालय की वैश्विक उपस्थिति और परिसर की विविधता को और सुदृढ़ करती है। विश्वविद्यालय की नियोजक प्रतिष्ठा (एम्प्लॉयर रिप्यूटेशन) का स्कोर भी 10.6 से बढ़कर 11.4 हो गया है।

सबसे उल्लेखनीय प्रगति सततता (सस्टेनेबिलिटी) के क्षेत्र में देखने को मिली है, जहाँ विश्वविद्यालय का स्कोर 44.5 से बढ़कर 61.3 हो गया है, जो एक वर्ष में लगभग 37.8 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह उपलब्धि पर्यावरणीय उत्तरदायित्व, हरित परिसर पहलों तथा समाज के प्रति सार्थक योगदान के प्रति विश्वविद्यालय की गहरी और साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

इस खास उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार 951–1000 श्रेणी में स्थान प्राप्त करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि हम यहाँ तक समर्पण, सहयोग और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के बल पर पहुँचे हैं। सततता के क्षेत्र में हमारी उल्लेखनीय प्रगति इस बात का संकेत है कि विश्वविद्यालय केवल कक्षाओं तक सीमित न रहकर व्यापक सामाजिक एवं वैश्विक दायित्वों को भी ध्यान में रखकर कार्य कर रहा है। यह उपलब्धि प्रत्येक विद्यार्थी, शिक्षक तथा कर्मचारी की है, जिन्होंने विश्वविद्यालय की प्रगति में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया है। हमारा उद्देश्य केवल रैंकिंग प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसा विश्वविद्यालय बनाना है जो इन उपलब्धियों का वास्तविक अधिकारी हो। विश्वविद्यालय की यह उन्नत रैंकिंग उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, प्रभावशाली शोध, नवाचार तथा सतत विकास को बढ़ावा देने के उसके निरंतर प्रयासों को प्रतिबिंबित करती है।

   

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