सुपौल, 12 मई (हि.स.)। जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर सुपौल पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।
सदर थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर आपराधिक वारदात की योजना बना रहे आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और नकद राशि बरामद की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस से मिली जानकारी के अनुसार 10 मई 2026 को सदर थाना के थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि नगर परिषद क्षेत्र स्थित गणपति मैरेज हॉल के पीछे एक अर्धनिर्मित पक्के मकान में कुछ संदिग्ध लोग अवैध हथियारों के साथ जुटे हुए हैं और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सुपौल के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।
गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सभी आठ संदिग्धों को मौके से दबोच लिया। तलाशी के दौरान गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से एक देशी कट्टा, दो देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन तथा 2500 रुपये नकद बरामद किए गए। बरामद हथियारों और अन्य सामानों को पुलिस ने विधिसम्मत तरीके से जब्त कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार अपराधियों ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि सभी आरोपी अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री, आपराधिक षड्यंत्र रचने तथा क्षेत्र में लूट, रंगदारी और अन्य संगीन अपराधों को अंजाम देने की तैयारी में जुटे थे। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह जिले में सक्रिय किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ जारी है तथा इनके अन्य साथियों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत कांड दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में फुलेन्द्र कुमार, बलराम कुमार, अभय कुमार, सुभाष कुमार, अशोक कुमार, विक्रम यादव, रंजीत कुमार और राजकुमार मुखिया शामिल हैं। इनमें अधिकांश आरोपी गौरवगढ़ क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस इनके आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे पहले किन-किन मामलों में संलिप्त रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गणपति मैरेज हॉल के आसपास लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा होती रही थी। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों ने कहा कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो कोई बड़ी आपराधिक घटना घट सकती थी।
सुपौल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध और अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को अपराधियों पर कड़ी नजर रखने और गुप्त सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते अपराध पर अंकुश लगाया जा सके।
पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लगातार हो रही छापेमारी और अपराधियों की गिरफ्तारी से पुलिस यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

