जलकुंभी से पट गया है नाला, सफाई नहीं होने से नहीं बह पा रहा निकासी पानी
- DSS Admin
- Jun 25, 2026
धमतरी, 25 जून (हि.स.)। मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम के बरसात पूर्व तैयारियों के दावों की हकीकत उजागर कर दी है। प्रमुख नाले जलकुंभी से पट हुए हैं जिसकी पूरी सफाई नहीं हो पाई है। इसके चलते गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति निर्मित होने से लोग परेशान हैं।
वार्डवासियों की शिकायत पर डाक बंगला वार्ड की पार्षद सुमन मेश्राम ने सोरिद, जोधापुर, डाक बंगला वार्ड, अंबेडकर चौक नाला, सोरिद नाला तथा डिपोपारा नाला क्षेत्र का निरीक्षण कर मौके की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर नालों में जलकुंभी, कचरा और गाद जमा मिली, जिससे बारिश के पानी की निकासी बाधित हो रही थी।
पार्षद ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल स्थिति से अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की। सुमन मेश्राम ने आरोप लगाया कि नालों की सफाई को लेकर निगम द्वारा किए गए दावे पहली ही बारिश में खोखले साबित हो गए हैं। जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने के कारण नालों का गंदा पानी सड़कों और कई घरों तक पहुंच गया, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि निगम की लापरवाही के कारण यह स्थिति है। यदि समय रहते गंभीरता से नालों की सफाई कराई गई होती तो ऐसी स्थिति निर्मित नहीं होती।
उन्होंने बताया कि आमापारा, पीडी नाला, शिव चौक, देवश्री टाकीज सहित शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या सामने आई है। अंबेडकर चौक और चटर्जी हॉस्पिटल क्षेत्र से होकर सोरिद नाला के माध्यम से शहर का पानी निकासी करता है, लेकिन नालों में जलकुंभी और गंदगी जमा होने के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो गया। नतीजतन पहली ही बारिश में सड़कों और घरों में पानी भर गया।
पार्षद ने कहा कि मानसून की यह पहली बारिश केवल पानी ही नहीं लाई, बल्कि शहर की अधूरी तैयारियों और व्यवस्थागत खामियों को भी उजागर कर गई है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आगामी दिनों में भारी बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा शहरवासियों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

