हुगली, 27 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के डानकुनी में एक किराये के मकान में रहने वाली दस वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दिनों तक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि उसी मकान के कुछ किरायेदारों ने बच्ची को कभी खाने का लालच देकर, तो कभी मोबाइल का प्रलोभन दिखाकर अपने कमरे में बुलाया और बार-बार उसके साथ शारीरिक शोषण किया।
पीड़िता की मां ने शनिवार को बताया कि अजहर, राजू और एक अन्य व्यक्ति — कुल तीन लोग — इस घिनौनी हरकत में शामिल थे। पीड़ित बच्ची की मां की शिकायत पर डानकुनी पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
पीड़िता की मां जो खुद कैंसर से जूझ रही हैं और विधवा हैं, ने बताया कि इस महीने की 23 तारीख को घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने 24 तारीख को डानकुनी थाने में लिखित शिकायत दर्ज करानी चाही, लेकिन उन्हें देर रात तक थाने में बिठाए रखा गया।
इससे भी गंभीर आरोप यह है कि थाने के एक सब-इंस्पेक्टर ने नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कराने से मना किया। बाद में श्रीरामपुर वाल्स अस्पताल में मेडिकल परीक्षण तो हुआ, लेकिन मां को अब तक न मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी मिली है, ना ही एफआईआर की।
तीन बच्चों की यह अकेली मां न्याय की मांग कर रही हैं। पड़ोसी भी इस मामले में मुखर हैं और आरोप लगा रहे हैं कि थाने का एक अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है।
भाजपा नेता गुंजन चक्रवर्ती ने इस घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि यह नारकीय कृत्य किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मकान मालिक से भी अपील की कि किरायेदारों को मकान देते समय उनके पहचान पत्र अवश्य रखे जाएं। साथ ही उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ भी प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की।
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