ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का डीएम ने किया आंतरिक निरीक्षण, दिव्यांग मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

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सुपौल, 04 जून (हि.स.)। आगामी चुनावों को लेकर निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित एवं सुगम बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में गुरुवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी सुपौल द्वारा ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस का त्रैमासिक आंतरिक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी सुविधाओं तथा उपकरणों के रख-रखाव की गहन समीक्षा की गई। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक माह ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस का बाह्य निरीक्षण तथा प्रत्येक तीन माह पर वेयरहाउस खोलकर आंतरिक निरीक्षण किया जाना अनिवार्य है।

निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस की सुरक्षा से संबंधित सभी पहलुओं का बारीकी से अवलोकन किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि वेयरहाउस में रखी गई ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनें पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में हैं तथा उनके संरक्षण के लिए आवश्यक मानकों का पालन किया जा रहा है।

अधिकारियों ने सुरक्षा उपकरणों, सीसीटीवी व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, भवन की संरचनात्मक स्थिति एवं अग्नि सुरक्षा उपायों की भी समीक्षा की।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सुपौल, अग्निशमन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता विद्युत प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा जिले के सभी राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अध्यक्ष एवं सचिवों को भी निरीक्षण प्रक्रिया में शामिल किया गया, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता पर सभी पक्षों का विश्वास बना रहे।

निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। अग्निशमन विभाग को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों को अद्यतन रखने को कहा गया। वहीं विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा भवन प्रमंडल को वेयरहाउस भवन की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया।

जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी को सुरक्षा उपकरणों एवं तकनीकी निगरानी प्रणाली की प्रभावी कार्यप्रणाली बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस निरीक्षण के उपरांत पूर्वाह्न 10:35 बजे जिला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट मॉनिटरिंग कमेटी ऑन एक्सेसिबल इलेक्शन की बैठक भी आयोजित की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों की निर्वाचन प्रक्रिया में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करना तथा उन्हें मतदान से संबंधित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना था। बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक, दिव्यांगजन कोषांग के सहायक निदेशक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त जिले के पीडब्ल्यूडी आइकॉन उपेन्द्र कुमार साह एवं संतोष कुमार साह ने भी बैठक में भाग लिया और दिव्यांग मतदाताओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक में मतदाता सूची में दिव्यांग नागरिकों के पंजीकरण को बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई।

अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान प्रक्रिया से वंचित न रहे। इसके लिए दिव्यांग मतदाताओं की पहचान, उनका मतदाता सूची में नामांकन, मतदान केंद्रों तक उनकी पहुंच तथा मतदान दिवस पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी दिव्यांग नागरिकों तक पहुंच बनाकर उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को तेज किया जाए। साथ ही मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर, स्वयंसेवक सहायता, पेयजल एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि दिव्यांग मतदाता बिना किसी कठिनाई के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

बैठक में इस बात पर भी बल दिया गया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। विशेष रूप से दिव्यांग मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया में सम्मानजनक और सहज वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने का निर्णय लिया गया।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप जिले में चुनाव संबंधी सभी तैयारियां पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही हैं। ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा से लेकर दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा तक हर स्तर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आगामी चुनावों में निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और समावेशी मतदान सुनिश्चित किया जा सके। इस प्रकार गुरुवार को आयोजित वेयरहाउस निरीक्षण एवं डीएमसीएई बैठक ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सुपौल जिला प्रशासन चुनावी व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सजग है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्येक मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

   

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