भारतमाला भूमि अधिग्रहण मुआवजा धोखाधड़ी मामले में ईडी ने जयप्रकाश गांधी को किया गिरफ्तार
- DSS Admin
- Jun 04, 2026
नई दिल्ली, 04 जून (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतमाला राजमार्ग भूमि अधिग्रहण मुआवज़ा धोखाधड़ी मामले में छत्तीसगढ़ के रायपुर और अभनपुर निवासी जयप्रकाश गांधी को बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम, 2002 के तहत गिरफ्तार कर लिया।
ईडी ने जांच की शुरुआत छत्तीसगढ़ एसीबी या ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की थी, जिसमें रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारा परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण मुआवज़े के वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और धोखाधड़ी का आरोप था।
जांच में सामने आया कि जयप्रकाश गांधी ने अपने परिवारजनों और कुछ लोक सेवकों के साथ मिलकर अधिग्रहण क्षेत्र में भूमि खरीदी और उसे 500 वर्ग मीटर से कम के टुकड़ों में विभाजित किया। यह विभाजन केवल अधिक मुआवज़ा पाने के उद्देश्य से किया गया था। इस धोखाधड़ीपूर्ण तरीके से आरोपित और उसके परिवारजनों ने लगभग 9.83 करोड़ रुपये का मुआवजा प्राप्त किया, जबकि वैध रूप से केवल 56.76 लाख रुपये ही देय थे। इस प्रकार लगभग 9.27 करोड़ रुपये की अपराध आय उत्पन्न हुई, जिसे बाद में शेयर, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश कर परतदार बनाया गया।
इससे पहले ईडी ने 28 अप्रैल को रायपुर, अभनपुर और धमतरी जिलों में तलाशी अभियान चलाया था, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए थे।
गिरफ्तार आरोपित को रायपुर की माननीय विशेष अदालत (पीएमएलए) के समक्ष पेश किया गया, जिसने ईडी को तीन दिन की हिरासत प्रदान की है। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य लाभार्थियों, बिचौलियों तथा लोकसेवकों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
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