कलकत्ता उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता से मंत्री तक : श्रीरामपुर के भास्कर भट्टाचार्य का राजनीतिक उदय
- DSS Admin
- Jun 01, 2026
हुगली, 01 जून (हि. स.)। राजनीति में कुछ यात्राएं संघर्ष, समर्पण और निरंतर प्रयास की मिसाल बन जाती हैं। श्रीरामपुर के विधायक भास्कर भट्टाचार्य की यात्रा भी इसी का उदाहरण है। कलकत्ता उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रबंधन विशेषज्ञ, संगठनकर्ता और जननेता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले भास्कर भट्टाचार्य ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार में राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेकर अपने सार्वजनिक जीवन की एक नई जिम्मेदारी संभाली।
भास्कर भट्टाचार्य का व्यक्तित्व शिक्षा, पेशेवर दक्षता और राजनीतिक अनुभव का अनूठा संगम है। कॉमर्स के छात्र रहे भास्कर ने प्रबंधन (मैनेजमेंट) की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कानून के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई और कलकत्ता उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में प्रतिष्ठा अर्जित की। कानूनी मामलों की गहरी समझ और प्रभावशाली पैरवी ने उन्हें न्यायिक क्षेत्र में सम्मान दिलाया। साथ ही वे केंद्र सरकार की एक संस्था में निदेशक के पद पर भी कार्य कर चुके हैं, जिससे उन्हें प्रशासनिक और प्रबंधकीय अनुभव प्राप्त हुआ।
राजनीति में उनका उदय संगठन के माध्यम से हुआ। भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल मानवाधिकार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक के रूप में उन्होंने राज्य भर में मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया। उनकी सक्रियता और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें अविभाजित हुगली जिला भाजपा का अध्यक्ष बनाया। जिलाध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भास्कर भट्टाचार्य उन नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने संगठन में रहकर हर जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाया। प्रदेश नेतृत्व ने उन्हें समय-समय पर जो भी दायित्व सौंपा, उन्होंने उसे पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया। इसी कारण वे धीरे-धीरे भाजपा के भरोसेमंद नेताओं में शामिल होते गए।
हालांकि उनका राजनीतिक सफर चुनौतियों से भी भरा रहा। वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें श्रीरामपुर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था। उस समय उन्हें सफलता नहीं मिली। लेकिन हार के बाद भी उन्होंने क्षेत्र नहीं छोड़ा। वे लगातार जनता के बीच बने रहे, स्थानीय समस्याओं को उठाते रहे और संगठन को मजबूत करने में जुटे रहे।
उनकी वर्षों की मेहनत का परिणाम तब सामने आया जब उन्होंने श्रीरामपुर विधानसभा क्षेत्र से शानदार जीत दर्ज की। यह जीत केवल एक विधायक बनने की उपलब्धि नहीं थी, बल्कि लंबे संघर्ष, राजनीतिक धैर्य और जनता के विश्वास की जीत भी थी। श्रीरामपुर जैसे ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र से मिली इस सफलता ने उन्हें राज्य राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल कर दिया।

