जनगणना और शिक्षा व्यवस्था में संतुलन बनाकर तय की गई स्थानांतरण नीति : संदीप सिंह
- DSS Admin
- Jun 04, 2026
बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं की अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति हुई जारी
लखनऊ, 04 जून (हि.स.)। योगी सरकार शिक्षकों की वास्तविक एवं मानवीय समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील है। इसी दृष्टिकोण से शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए विशेष नीति निर्धारित की गई है।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षकों के हितों के संरक्षण के साथ-साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई, विद्यालयों में शिक्षक उपलब्धता तथा जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार जनगणना 2026-27 का कार्य संचालित किया जा रहा है, जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग के बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं दायित्व निभा रहे हैं। इसी कारण इस वर्ष केवल विशेष परिस्थितियों में ही अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की अनुमति प्रदान की गई है।
अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा द्वारा जारी नीति के अनुसार शिक्षक अथवा शिक्षिका स्वयं, उनके पति या पत्नी अथवा अविवाहित पुत्र-पुत्री के दिव्यांग होने की स्थिति में स्थानांतरण का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त शिक्षक अथवा उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री के कैंसर से पीड़ित होने या डायलिसिस पर होने की दशा में भी स्थानांतरण के आवेदन पर विचार किया जाएगा।
शिक्षक दम्पति के मामलों में भी विशेष व्यवस्था की गई है। यदि पति-पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत हैं, तो छात्र-शिक्षक अनुपात को ध्यान में रखते हुए ऐसे जनपद में स्थानांतरण किया जा सकेगा जहां शिक्षकों की आवश्यकता अधिक हो। उन्होंने कहा कि इससे पारिवारिक जीवन और शैक्षिक आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त किसी अन्य अत्यंत विषम एवं मानवीय परिस्थिति में मुख्यमंत्री के अनुमोदन के उपरांत स्थानांतरण पर विचार किया जा सकेगा।

