युवाओं को आत्मनिर्भर और बनाए प्रतिस्पर्धी : मंत्री कपिल देव अग्रवाल

-मंत्री कपिल देव अग्रवाल की प्रशिक्षण एवं सेवायोजन स्थायी समिति के सदस्यों के साथ हुई बैठक-“न्यू एज स्किल्स” पर विशेष फोकस, रोबोटिक्स, ईवी, सीएनसी जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा

लखनऊ, 25 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने सोमवार को प्रशिक्षण एवं सेवायोजन स्थायी समिति के सदस्यों के साथ विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष संख्या-58 में प्रशिक्षण एवं सेवायोजन स्थायी समिति की बैठक की। बैठक में कौशल विकास एवं प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई और सदस्यों में अपने सुझाव भी दिए।

मंत्री अग्रवाल ने प्रदेश के राजकीय एवं निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की संख्या, प्रवेश एवं प्रशिक्षण की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। वर्तमान में सरकारी आईटीआई में लगभग 1.29 लाख तथा निजी आईटीआई में 2.77 लाख युवाओं का प्रवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक एवं औद्योगिक मांग के अनुरूप “न्यू एज स्किल्स” जैसे रोबोटिक्स, सीएनसी मशीनिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, कंप्यूटर एवं अन्य तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण को और सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

उन्होंने अवगत कराया कि योगी सरकार के प्रयासों से टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ हुए समझौते के अंतर्गत प्रदेश के 150 आईटीआई संस्थानों को अत्याधुनिक मशीनों एवं तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे युवाओं को उद्योगों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने बताया कि कौशल विकास मिशन के अंतर्गत स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड (एसएसडीएफ) के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका उपयोग युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान करने में किया जा रहा है। “प्रोजेक्ट प्रवीण” के माध्यम से इंटर कॉलेज स्तर के विद्यार्थियों को सामान्य शिक्षा के साथ तकनीकी दक्षता से भी जोड़ा जा रहा है।

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में पांच “सेंटर ऑफ इनोवेशन, इंटीग्रेशन एंड इनोवेशन (C-III)” स्थापित किए जा रहे हैं, जो भविष्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होंगे और उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण का केंद्र बनेंगे। साथ ही, रोजगार मेलों के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को उद्योगों से जोड़ने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक उपयोगी बनाने के लिए जिला स्तर पर स्किल मैपिंग एवं सर्वेक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही, पारंपरिक एवं अनौपचारिक रूप से कुशल व्यक्तियों को प्रशिक्षण देकर उनकी दक्षता में वृद्धि तथा उन्हें उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक युवा को कौशलयुक्त बनाकर उसे आत्मनिर्भर, सक्षम एवं प्रतिस्पर्धी बनाना है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सके। बैठक में डॉ. वीर विक्रम सिंह 'प्रिन्स' (विधायक, शाहजहांपुर), मुक्ता संजीव राजा (विधायक, अलीगढ़), डॉ. एम. पी. आर्य (विधायक, बरेली), ओम कुमार(विधायक, बिजनौर), जय देवी (विधायक, लखनऊ), कैलाश नाथ (विधायक, बलरामपुर), डॉ. आर. के. वर्मा (विधायक, प्रतापगढ़) एवं अशोक कुमार (विधायक, रायबरेली) एवं प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, विशेष सचिव अभिषेक सिंह, मिशन निदेशक पुलकित खरे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।--------------

   

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