प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन में दो ब्लॉक में बिजली सप्लाई

जयपुर, 03 जून (हि.स.)। प्रदेश सरकार ने किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की वर्ष 2027 तक कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की घोषणा के तहत अब चित्तौड़गढ़ और टोंक जिले को भी दिन के दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति व्यवस्था से जोड़ दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में बिजली मिलने लगी है।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के निर्देशन में तीनों विद्युत वितरण निगम चरणबद्ध तरीके से इस योजना को लागू कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि चित्तौड़गढ़ प्रदेश का सर्वाधिक कृषि उपभोक्ताओं वाला जिला है, जहां अजमेर विद्युत वितरण निगम के तहत करीब 1.01 लाख कृषि उपभोक्ता हैं। वहीं टोंक जिले में जयपुर डिस्कॉम के 34 हजार 748 कृषि उपभोक्ता इस सुविधा से लाभान्वित होंगे।

इससे पहले अप्रैल माह में दौसा और करौली जिलों को भी दिन में दो ब्लॉक बिजली आपूर्ति योजना से जोड़ा गया था। अब किसानों को सिंचाई के लिए रात में खेतों में जाने की मजबूरी कम होगी।

ऊर्जा सचिव एवं डिस्कॉम्स चेयरमैन आरती डोगरा ने बताया कि जयपुर, जोधपुर और अजमेर विद्युत वितरण निगमों के साथ प्रसारण निगम द्वारा विद्युत तंत्र को मजबूत करने के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। शेष जिलों में भी ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाने, नई लाइनें बिछाने और नए ग्रिड सब स्टेशन स्थापित करने का काम जारी है।

उन्होंने कहा कि दिन में बिजली मिलने से किसानों को सर्दी और बरसात के मौसम में रात के समय सिंचाई करने की परेशानी से राहत मिलेगी और वे परिवार के साथ अधिक समय भी बिता सकेंगे।

अजमेर डिस्कॉम के अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, उदयपुर, सलूंबर, प्रतापगढ़, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, झुंझुनूं, सीकर और चित्तौड़गढ़ जिलों में किसानों को दिन में दो ब्लॉक में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

इसी प्रकार जयपुर डिस्कॉम के धौलपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, जयपुर, डीग, भरतपुर, दौसा, करौली और टोंक जिलों में यह व्यवस्था लागू है। वहीं जोधपुर डिस्कॉम के जालौर, सिरोही और पाली जिले भी इस योजना से जुड़े हुए हैं।

राज्य सरकार द्वारा दो ब्लॉक बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए विद्युत नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेशभर में 400 केवी, 220 केवी और 132 केवी के 59 ग्रिड सब स्टेशन तथा 33 केवी के 444 सब स्टेशन स्थापित किए गए हैं।

चित्तौड़गढ़ जिले में इस अवधि में 132 केवी के 2 और 33 केवी के 4 नए ग्रिड सब स्टेशन बनाए गए हैं, जिससे 563 एमवीए क्षमता बढ़ाई गई है। वहीं टोंक जिले में 33 केवी के 5 नए जीएसएस स्थापित किए गए हैं और ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता में 142.40 एमवीए की वृद्धि की गई है।

कृषि क्षेत्र में दिन में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में प्रधानमंत्री कुसुम योजना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार द्वारा योजना को बढ़ावा दिए जाने से प्रदेश के गांवों और ढाणियों में अब तक 4338 मेगावाट क्षमता की 1967 लघु सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। टोंक जिले में 34 मेगावाट और चित्तौड़गढ़ में 46 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे कृषि क्षेत्र को स्थायी और सुचारु बिजली आपूर्ति में मदद मिल रही है।

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