डॉ श्री बाबू के आदर्शों को अपनाकर समृद्ध भारत बनाने का संकल्प

नवादा,31 जनवरी (हि.स.)।बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ श्री कृष्णा सिंह की पुण्यतिथि समारोह शुक्रवार को नवादा जिले में उनके जन्मस्थली खनवा के साथही 36 स्थानों पर मनाई गई ।

सभी जगह वक्ताओं ने डॉक्टर श्री बाबू को भारत रत्न देने की मांग की। उनकी उपलब्धियां की चर्चा करते हुए उनके आदर्शों को अपना कर नया भारत बनाने का भी संकल्प लिया गया।

जिला कांग्रेस कार्यालय नवादा में जिला अध्यक्ष सतीश कुमार उर्फ मनटन सिंह के अध्यक्षता में डॉक्टर श्री कृष्ण बाबू (बिहार केसरी )की पुण्यतिथि मनाई गई सर्वप्रथम उनके तैल चित्र पर फूल माला चढ़ा कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।

उसके बाद जिला अध्यक्ष सिंह ने अपने कार्यकर्ता को श्री बाबू के बारे में विस्तार से बताया।

बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह (श्री बाबू) (1887–1961), भारत के अखंड बिहार राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री (1946–1961) थे। उनके मात्र 10 वर्षों के शासनकाल में बिहार में उद्योग, कृषि, शिक्षा, सिंचाई, स्वास्थ्य, कला व सामाजिक क्षेत्र में की उल्लेखनीय कार्य हुये। उनमें आजाद भारत की पहली रिफाइनरी- बरौनी ऑयल रिफाइनरी, आजाद भारत का पहला खाद कारखाना- सिन्दरी व बरौनी रासायनिक खाद कारखाना, एशिया का सबसे बड़ा इंजीनियरिंग कारखाना-भारी उद्योग निगम (एचईसी) हटिया, देश का सबसे बड़ा स्टील प्लांट-सेल बोकारो, बरौनी डेयरी, एशिया का सबसे बड़ा रेलवे यार्ड-गढ़हरा, आजादी के बाद गंगोत्री से गंगासागर के बीच प्रथम रेल सह सड़क पुल-राजेंद्र पुल, कोशी प्रोजेक्ट, पुसा व सबौर का एग्रीकल्चर कॉलेज, बिहार, भागलपुर, रांची विश्वविद्यालय इत्यादि जैसे अनगिनत उदाहरण हैं।

उनके शासनकाल में संसद के द्वारा नियुक्त फोर्ड फाउंडेशन के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री श्री एपेल्लवी ने अपनी रिपोर्ट में बिहार को देश का सबसे बेहतर शासित राज्य माना था और बिहार को देश की दूसरी सबसे बेहतर अर्थव्यवस्था बताया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन

   

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