‘मिशन कायाकल्प’ से आधुनिक, सुंदर और सुरक्षित बन रहे सरकारी स्कूल : रेखा गुप्ता
- DSS Admin
- Jul 05, 2026
नई दिल्ली, 05 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी के सरकारी स्कूलों को केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, आधुनिक और प्रेरणादायक शिक्षण परिसर बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने ‘मिशन कायाकल्प’ की शुरुआत की है। इस विशेष अभियान के तहत राजधानी के विभिन्न जिलों में चयनित सरकारी स्कूलों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने रविवार को एक विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि मिशन कायाकल्प को जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत सहयोग देने वाली संस्थाओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों, मार्केट एसोसिएशनों और स्थानीय समुदाय के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकारी संसाधनों के साथ-साथ समाज की भागीदारी से स्कूलों में तेजी से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
मिशन कायाकल्प के तहत दिल्ली के विभिन्न जिलों में सरकारी स्कूलों में तेजी से बदलाव दिखाई देने लगे हैं। उत्तर जिले में छह सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने के बाद दो विद्यालयों का चयन किया गया। लगभग 16.20 लाख रुपये की लागत से शंकराचार्य मार्ग स्थित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सेंसरी पार्क का नवीनीकरण, आरओ प्लांट और वॉटर कूलर लगाए गए। वहीं रूप नगर स्थित सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला का आधुनिकीकरण किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दक्षिण जिले के रामानुजन सर्वोदय कन्या विद्यालय (महरौली) में लगभग 48.73 लाख रुपये और सर्वोदय को-एड सीनियर सेकेंडरी विद्यालय (कुतुब महरौली) में करीब 98.58 लाख रुपये की लागत से बड़े स्तर पर सुधार कार्य किए गए हैं। दोनों स्कूलों में शौचालयों का कायाकल्प, सैनिटरी फिटिंग को बदलना, दीवारों और छतों के रिसाव व प्लास्टर को ठीक करना और पूरे भवन की उच्च गुणवत्ता वाले मौसमरोधी पेंट से रंगाई-पुताई की गई है। साथ ही, परिसर व गलियारों की सफाई, सौंदर्यीकरण, दो आधुनिक वॉटर कूलर लगाने और स्कूल को हरा-भरा बनाने के लिए पौधारोपण जैसे काम हुए हैं।
उन्होंने कहा कि पश्चिम जिले के मोहन गार्डन और जनकपुरी में स्थित सरकारी स्कूलों में मिशन कायाकल्प के तहत व्यापक आधारभूत ढांचा सुधार कार्य किए जा रहे हैं। मोहन गार्डन विद्यालय में लगभग 77.71 लाख रुपये की लागत से छत की मरम्मत एवं वॉटरप्रूफिंग, पेयजल क्षेत्र का नवीनीकरण, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सीवर लाइन एवं स्टाफ शौचालयों का सुधार और अन्य सिविल एवं विद्युत कार्य किए जा रहे हैं। वहीं जनकपुरी स्थित जीएसकेवी में लगभग 38.77 लाख रुपये की लागत से एमपी हॉल की वॉटरप्रूफिंग, नए आरओ प्लांट और वॉटर कूलर की स्थापना, शौचालयों के दरवाजों का प्रतिस्थापन और विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने जैसे कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर-पूर्व जिले के गोकलपुर स्थित सरकारी स्कूल में लगभग 6.70 लाख रुपये और शाहदरा के मणि बेन पटेल भारतीय महिला सर्वोदय विद्यालय में करीब 2.90 लाख रुपये की लागत से बड़े स्तर पर सुधार कार्य किए गए हैं। इन दोनों स्कूलों में शौचालयों का नवीनीकरण व गहरी सफाई, सैनिटरी फिटिंग और पुराने नलों को बदलना, सीपेज व प्लास्टर को ठीक करना और भवनों की उच्च गुणवत्ता वाले पेंट से रंगाई-पुताई की गई है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही परिसरों को सुंदर व हरा-भरा बनाने के लिए पौधारोपण किया गया, पेयजल स्थलों की सफाई के साथ नए वॉटर कूलर लगाए गए और शाहदरा स्कूल की लाइब्रेरी के लिए नई कुर्सियों की व्यवस्था की गई। छात्रों को प्रेरित करने के लिए शाहदरा स्कूल में मणि बेन पटेल और सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र भी लगाए गए हैं, जिससे अब दोनों स्कूलों का माहौल विद्यार्थियों के लिए अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक बन गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहरी उत्तर जिलं के सावदा घेवरा कम्युनिटी बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में करीब 8 लाख रुपये की लागत से कई काम किए गए हैं। यहां स्कूल की इमारतों की मरम्मत की गई, उखड़े हुए प्लास्टर को ठीक किया गया और प्राइमरी व सीनियर दोनों विंग की रंगाई-पुताई की गई।
इसके अलावा स्कूल में एक ढका हुआ शेड बनाया गया, एक स्पेस लैब स्थापित की गई और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया गया। इस पूरे प्रोजेक्ट को मुंडका इंडस्ट्रियल एसोसिएशन, जिला प्रशासन और एसडीएम (उप-मंडल मजिस्ट्रेट) कार्यालय के अधिकारियों ने आपस में मिलकर पूरा सहयोग दिया। जिला प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की गई। स्कूलों में किए गए ये सभी कार्य जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी, लोकल एजेंसियों और स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों के सहयोग से किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन कायाकल्प केवल रंग-रोगन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी स्कूलों के समग्र रूपांतरण का अभियान है। इसके तहत स्कूल भवनों की मरम्मत, दीवारों की पेंटिंग एवं वाइटवॉश, जर्जर शौचालयों का नवीनीकरण, स्वच्छ पेयजल के लिए आरओ प्लांट और वॉटर कूलर की स्थापना, विज्ञान प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सुविधाओं का विकास, स्कूल परिसरों का सौंदर्यीकरण, हरियाली बढ़ाने और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण तैयार करने जैसे अनेक कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं।
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