29 जून काे चंदन जात्रा पूजा विधान के साथ प्रारंभ होगा बस्तर गोंचा महापर्व
- DSS Admin
- Jun 28, 2026
जगदलपुर, 28 जून (हि.स.)। रियासत कालीन बस्तर गोंचा महापर्व साेमवार 29 जून जयेष्ठ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा
तिथि को देवस्नान चंदन जात्रा पूजा विधान के साथ
प्रारंभ हो जायेगा। श्रीजगन्नाथ मंदिर परिसर में सुबह 10 बजे से 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के ब्राह्मणों के द्वारा परंपरानुसार दूध, दही, घी, शहद, पंचामृत, एवं इंद्रावती नदी के पवित्र जल से भगवान शालीग्राम के अभिषेक किये जाने के बाद प्रभु श्रीजगन्नाथ स्वामी, देवी सुभद्रा एवं बलभद्र स्वामी के विग्रहों को चंदन
स्नान करवाया जायेगा। इसके बाद भगवान के विग्रहों को मुक्ति मंडप में स्थापित किया जाएगा।
360 घर आरण्यक ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे ने बताया कि देवस्नान चंदन जात्रा पूजा विधान
के तहत परंपरानुसार साेमवार 29 जून को ग्राम आसना से भगवान शालीग्राम को श्रीजगन्नाथ मंदिर में स्थापित किया जायेगा। तत्पश्चात समाज के पदेन पाढ़ी एवं पाणिग्रही के
मार्गदर्शन में इंद्रावती नदी के पवित्र जल जगन्नाथ मंदिर लाकर भगवान शालिग्राम का दूध, दही, घी,शहद, पंचामृत, एवं इंद्रावती के पवित्र जल से अभीषेक कर चंदन स्नान के साथ देवस्नान-चंदन जात्रा पूजा विधान संपन्न किया जावेगा। इसके बाद भगवान के
विग्रहों को मुक्ति मंडप में स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रभु श्रीजगन्नाथ
स्वामी का अनसर काल 30 जुन से शुरू होकर 14 जुलाई तक जारी रहेगा, इस दौरान दर्शन वर्जित होगा, 15 जुलाई को नेत्रोत्सव पूजा विधान के साथ प्रभु जगन्नाथ स्वामी के दर्शन होंगे। 16 जुलाई को श्रीगाेंचा रथ यात्रा पूजा विधान के साथ ही प्रभु श्रीजगन्नाथ स्वामी जनकपुरी सिरहासार
भवन में 09 दिनों तक रहेंगे, जहां बस्तर गोंचा पर्व के विविध पूजा विधान परंपरानुसार संपन्न किये जायेगे।
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