सियासी खींचतान में नहीं रुक सकता शासन-राजीव जसरोटिया का उमर सरकार पर तीखा हमला

Governance cannot be halted by political tussle: Rajiv Jasrotia launches a scathing attack on the Omar government


कठुआ, 04 जून । भाजपा नेता एवं जसरोटा के विधायक राजीव जसरोटिया ने नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शासन को सियासी खींचतान का बंधक नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता को रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान चाहिए, न कि सरकार के अंदरूनी मतभेदों को सुलझाने में समय बर्बाद होता देखना।

पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों को संबोधित करते हुए जसरोटिया ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के लोग बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं ऐसे समय में सरकार का ध्यान आंतरिक राजनीतिक मुद्दों में उलझा रहना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार को शासन चलाने के लिए चुना है न कि आपसी मतभेद सुलझाने के लिए। हर वह समय जो राजनीतिक मतभेदों में खर्च हो रहा है, वह जनता की समस्याओं के समाधान से छिन रहा है।

जसरोटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और मंत्रियों पर बड़ी जिम्मेदारी है लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता दिख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों, रोजगार सृजन और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के बजाय सरकार का ध्यान राजनीतिक समीकरणों पर अधिक है।

उन्होंने कहा कि किसान, युवा, व्यापारी, कर्मचारी, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक सभी वर्गों में प्रशासनिक देरी और समस्याओं के समाधान में कमी को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। लोगों की अपेक्षा है कि सड़कें बनें, सेवाएं बेहतर हों, रोजगार के अवसर बढ़ें और शिकायतों का समय पर समाधान हो। जसरोटिया ने सरकार से जवाबदेही और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि विभागों की नियमित समीक्षा होनी चाहिए और मंत्री जनता के लिए सुलभ रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन पर सियासी प्राथमिकताएं हावी रहीं तो जनता का विश्वास कमजोर होगा और विकास की रफ्तार प्रभावित होगी। उन्होंने अंत में सरकार से अपील की कि वह राजनीतिक मुद्दों से ऊपर उठकर जनता के हितों को सर्वोपरि रखे और जम्मू-कश्मीर के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करे।

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