हरियाणा भाजपा की नई अध्यक्ष बनीं डॉ. अर्चना गुप्ता, 43 वर्ष बाद महिला को मिली कमान
- DSS Admin
- May 28, 2026
-टीम बड़ौली में महामंत्री रही अर्चना गुप्ता बनी प्रदेश अध्यक्ष
चंडीगढ़, 28 मई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा की नई प्रदेश अध्यक्ष के रूप में डॉ. अर्चना गुप्ता को नियुक्त किया है। वह पार्टी की पूर्व महामंत्री रह चुकी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने गुरुवार को डॉ. अर्चना गुप्ता की नियुक्ति के आदेश जारी किए। इससे पहले मोहन लाल बड़ौली प्रदेश अध्यक्ष थे। डॉ. अर्चना गुप्ता 43 वर्ष बाद हरियाणा भाजपा की अध्यक्ष बनने वाली दूसरी महिला हैं। उनसे पहले डॉ. कमला वर्मा 1980-83 के दौरान प्रदेश अध्यक्ष रह चुकी हैं।
मोहन लाल बड़ौली को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने को लेकर पिछले करीब एक साल से अटकलों का दौर चल रहा था। अर्चना गुप्ता अभी तक मोहन लाल बडौली की टीम में प्रदेश महामंत्री के रूप में काम कर रही थी। डा. अर्चना गुप्ता को दी गई जिम्मेदारी को भाजपा द्वारा महिला नेतृत्व और संगठनात्मक अनुभव पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है।डा. अर्चना गुप्ता मूल रूप से पानीपत की रहने वाली हैं और व्यवसाय से रेडियोलाजिस्ट हैं। नौ जुलाई 2024 को जब राई के पूर्व विधायक मोहन लाल बडौली को प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, तब उनकी टीम में शामिल तीन महामंत्रियों -कृष्ण कुमार बेदी और सुरेंद्र पुनिया के साथ डा. अर्चना गुप्ता को भी यह दायित्व सौंपा गया था। तब से उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार मेहनत की।
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने अर्चना गुप्ता को उनके संगठन के प्रति समर्पण का पुरस्कार दिया है। डा. अर्चना गुप्ता की प्रदेश अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति कई बड़े दावेदार नेताओं और धुरंधरों को पछाडक़र की गई है। महिलाओं में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य डा. सुधा यादव, सिरसा की पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल और पूर्व राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी के नाम चल रहे थे। पुरुषों में पलवल के पूर्व विधायक दीपक मंगला, पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, पूर्व मंत्री डा. कमल गुप्ता, सांसद संजय भाटिया और कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को पीछे छोडक़र अर्चना गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति पाने में कामयाब हो गई हैं।
डा. अर्चना गुप्ता की नियुक्ति के बाद अब प्रदेश कमेटी में नये सिरे से बदलाव होगा। भाजपा ने अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर संगठन में महिलाओं को महत्व देने की अपनी नीति को उजागर किया है। भाजपा संगठन में प्रदेश अध्यक्ष का न्यूनतम कार्यकाल करीब तीन साल का होता है। ऐसे में निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली को करीब दो साल के कार्यकाल के बाद ही हटा दिया गया है। हालांकि उनके नेतृत्व में हरियाणा में भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने में कामयाब रही है।
डा. अर्चना गुप्ता के राजनीतिक व सामाजिक सफर पर नजर
--जन्म: 20 जनवरी 1968, समालखा (पानीपत)
--पेशा: रेडियोलाजिस्ट
--शिक्षा: एमडी (पीजीआइ रोहतक)
--पति: डा.अनिल गुप्ता (नेत्र रोग विशेषज्ञ)
--अर्चना गुप्ता पेशे से रेडियोलाजिस्ट हैं और उन्होंने पीजीआई रोहतक से एमडी की डिग्री हासिल की।
--वर्ष 2010 से 2016 तक उन्होंने विश्व हिंदू परिषद में जिला सह-संयोजिका, संयोजिका और हरियाणा की उपाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां निभाईं।
--भाजपा में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्होंने महिला मोर्चा में संगठनात्मक काम किया और पानीपत क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने में भूमिका निभाई।
--वर्ष 2019 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में सक्रिय प्रचार किया। खास तौर पर महिला मतदाताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
--अगस्त 2020 में उन्हें भाजपा का पानीपत जिला अध्यक्ष बनाया गया। वे पानीपत भाजपा की पहली महिला जिलाध्यक्ष बनीं।
--जनवरी 2024 में हरियाणा भाजपा संगठन में बड़े फेरबदल के दौरान उन्हें प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया गया। उस समय पार्टी ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने के लिए नई टीम बनाई थी।
--प्रदेश महामंत्री रहते हुए अर्चना गुप्ता ने संगठन विस्तार, महिला सशक्तीकरण और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
अब तक कौन-कौन रहे हरियाणा हरियाणा के अध्यक्ष
- डा. कमला वर्मा (1980 से 1983)
- सूरज भान (1984 से 1985)
- डा. मंगल सेन (1986 से 1990)
- प्रो. रामबिलास शर्मा (1990 से 1993 और 2013 से 2014)
- रमेश जोशी (1994 से 1998)
- ओपी ग्रोवर (1998 से 2000)
- रतनलाल कटारिया (2000 से 2003)
- प्रोफेसर गणेशी लाल (2003 से 2006)
- आत्मप्रकाश मनचंदा (2006 से 2009)
- कृष्ण पाल गुर्जर (2009 से 2013)
- सुभाष बराला (2014 से 2020)
- ओमप्रकाश धनखड़ (2020 से 2024)
- मोहन लाल बडौली (2024 से 2026)
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