चंडीगढ़, 07 जुलाई (हि.स.)। गुरुग्राम में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर पूर्व मुख्य संसदीय सचिव एवं पूर्व विधायक राव दान सिंह ने सुप्रीम के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र भेजा है।
मंगलवार को चंडीगढ़ में मीडिया को जारी पत्र में राव दान ने कहा कि गुरुग्राम आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ हरियाणा की आर्थिक राजधानी के रूप में पहचान बना चुका है। इसके बावजूद यहां के लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों अधिक खर्च होता है।
इससे पहले हुड्डा सरकार व मनोहर सरकार में भी गुरुग्राम में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग उठ चुकी है। राव दान सिंह ने कहा कि गुरुग्राम में हाईकोर्ट बेंच स्थापित होने से केवल गुरुग्राम ही नहीं बल्कि रेवाड़ी, नूंह, महेंद्रगढ़, नारनौल, पलवल, फरीदाबाद, झज्जर, रोहतक, सोनीपत, भिवानी, चरखी दादरी और हरियाणा के अन्य जिलों के लाखों नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे आम लोगों न्याय तक आसान और त्वरित पहुंच सुनिश्चित होगी।
राव दान सिंह ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि गुरुग्राम में 12 जुलाई को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस टावर ऑफ जस्टिस का निर्माण न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे में यदि इसी अवसर पर हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की घोषणा होती है तो यह दक्षिण हरियाणा के लोगों के लिए ऐतिहासिक फैसला होगा।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में हाईकोर्ट बेंच स्थापित होने से चंडीगढ़ स्थित हाईकोर्ट पर मामलों का दबाव भी कम होगा तथा न्यायिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और सुगम बन सकेगी।
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