एफएम नेटवर्क का विस्तार है आकाशवाणी की प्राथमिकता : राजीव कुमार जैन

एक दौर था, जब खेत-खलिहानों से लेकर घर और दफ्तरों तक आकाशवाणी के ही सुर गूंजते थे। तब लगता था कि संगीत की लहरियों पर पूरा देश झूम रहा है। जब कोई समाचार या संदेश प्रसारित किया जाता था, तब माना जाता था कि संदेशों के जरिए देश को संबोधित किया जा रहा है। आकाशवाणी ने अबतक की अपनी यात्रा में समाचार और सूचनाएं दी हैं। संकट के क्षणों में राष्ट्र को आगाह भी किया है। खेती-बाड़ी से लेकर शिक्षा जगत से जुड़ी जरूरी और फायदेमंद सूचनाएं भी दी हैं और लोगों का मनोरंजन भी किया है। अपनी सहज उपलब्धता और तकनीक के जरिए देश के हर वर्ग, हर आयु के लिए आकाशवाणी के सुर सजते रहे हैं।

   

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