देश का औद्योगिक उत्पादन अप्रैल में 4.9 फीसदी बढ़ा, विनिर्माण क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन

नई दिल्ली, 01 जून (हि.स)। देश के औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि दर अप्रैल में विनिर्माण क्षेत्र में 6.2 फीसदी की मजबूत वृद्धि के चलते सालाना आधार पर अप्रैल में 4.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। यह अप्रैल, 2025 में 5.7 फीसदी रही थी।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि यह आधार वर्ष में संशोधन कर 2022-23 किये जाने के बाद आईआईपी का पहला आंकड़ा है। आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में चार क्षेत्रों…खनन और उत्खनन, विनिर्माण, बिजली एवं गैस आपूर्ति, जल आपूर्ति, दूषित जल और अपशिष्ट प्रबंधन…की वृद्धि दर क्रमशः -5.1 फीसदी, 6.2 फीसदी, 4.9 फीसदी और 6.6 फीसदी रही है। मंत्रालय ने औद्योगिक उत्पादन सूचकांक का आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया है। वस्तुओं की संशोधित सूची में 1,042 उत्पाद शामिल किया गया हैं, जिन्हें 463 मद समूहों में वर्गीकृत किया गया है। इनमें 120 नए मद समूह शामिल हैं।

आधार वर्ष में यह संशोधन अखिल भारतीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (टीएसी-आईआईपी) के आधार वर्ष संशोधन को लेकर तकनीकी सलाहकार समिति के तहत किया गया है। इसके तहत अप्रैल में आईआईपी 118.9 रहने का अनुमान है, जो अप्रैल, 2025 में 113.1 था। आईआईपी को संदर्भ माह से 28 दिन के अंतराल के साथ हर महीने जारी किया जाएगा।

नई आईआईपी श्रृंखला नवीकरणीय और गैर-नवीकरणीय स्रोतों से बिजली उत्पादन, गैस आपूर्ति, ईंधन खनिज, धात्विक और अधात्विक खनिज, जल आपूर्ति, दूषित जल और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अलग-अलग सूचकांकों के साथ अधिक विस्तृत जानकारी प्रदान करती है। यह आईआईपी के आधार वर्ष का 10वां संशोधन है। पहला आईआईपी 1937 को आधार वर्ष मानकर तैयार किया गया था।

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