डीसीएम शिन्दे ने टीएमसी के आपदा प्रबंधों का निरीक्षण किया
- DSS Admin
- Jul 08, 2026
मुंबई ,08 जुलाई (हि. स.)। राज्य के उप मुख्य मंत्री एकनाथ शिंदे ने आज ठाणे महानगर पालिका के आपदा प्रबंधन नियंत्रण इकाई का दौरा किया और शहर के हालात का रिव्यू किया। साथ ही, उन्होंने आपदा के दौरान काम से गैरहाज़िर रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए। इसी पृष्ठभूमि में, ठाणे मनपा आयुक्त सौरभ राव ने तुरंत एक अधिकारी का तबादला किया और एक अधिकारी को सस्पेंशन नोटिस जारी किया।
इस मौके पर मेयर शर्मिला पिंपोलकर, डिप्टी मेयर कृष्णा पाटिल, हाउस के लीडर हनमंत जगदाले, ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, तथा एडिशनल कमिश्नर 1 संदीप मालवी आदि उपस्थित थे।
शहर में 80 से 90 किमी प्रति घंटे से ज़्यादा तेज़ हवा चलने और भारी बारिश की वजह से पेड़ और टहनियां गिर गई हैं। इसी को देखते हुए, उप मुख्य मंत्री शिन्दे ने इमरजेंसी रूम का दौरा किया। इस दौरे में, उन्होंने कमिश्नर को तुरंत सभी पेड़ों का साइंटिफिक तरीके से ऑडिट करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पेड़ों की आखिरी बार छंटाई कब की गई थी, पेड़ों की हालत क्या थी और उनके गिरने के क्या कारण थे, इसकी पूरी स्टडी की जाए।
उन्होंने भविष्य में पेड़ गिरने की घटनाओं को रोकने के लिए शहर के सभी पेड़ों का साइंटिफिक ऑडिट कराने और इस प्रोसेस में आर्बरिस्ट, बागवानी के क्षेत्र के विशेषज्ञ (एक्सपर्ट,) एनजीओ और दूसरे जानकारों को शामिल करने का निर्देश दिया। यह बताया गया कि कई जगहों पर सड़कों पर डामर या दूसरे विकास कार्यों के कारण पेड़ों की जड़ों तक हवा और पानी पहुंचने की संभावना बन रही है। इससे पेड़ों की सेहत पर असर पड़ता है और तूफान में उनके गिरने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों की स्टडी करने का भी निर्देश दिया।
इस मौके पर उन्होंने शहर के उन निचले इलाकों का जायजा लिया जहां पानी जमा हो रहा है। ठाणे शहर के निचले इलाकों में 84 जगहों पर पंप लगाए गए हैं और उन पंपों का कंट्रोल और मॉनिटरिंग डिजास्टर मैनेजमेंट सेल से लगातार की जा रही है।
उप मुख्य मंत्री शिन्दे ने टीएमसी आयुक्त को ठाणे शहर में पेड़ गिरने से घायल हुए नागरिकों के तुरंत इलाज के लिए सभी जरूरी मदद देने का निर्देश दिया गया। सबसे ज़्यादा प्राथमिकता इस बात को दी जानी चाहिए कि नागरिकों की जान न जाए, प्रॉपर्टी के नुकसान की भरपाई की जा सकती है, लेकिन अगर किसी की जान चली जाती है तो परिवार के दुख की भरपाई नहीं की जा सकती।
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