मुख्यमंत्री ने एमएसएमई, स्टार्टअप और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए की कई बड़ी घोषणाएं
- DSS Admin
- Jun 27, 2026


जयपुर, 27 जून (हि.स.)। अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), हस्तशिल्प, स्टार्टअप और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। जयपुर स्थित कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि एमएसएमई प्रदेश की आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला हैं तथा राज्य सरकार उद्योग और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 33 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों के साथ राजस्थान देश का चौथा सबसे बड़ा एमएसएमई राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने, युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने और विकास के साथ विरासत के संरक्षण की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास के प्रति नया विश्वास कायम हुआ है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योगों के लिए लागू डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी-2025 के तहत पिछले एक वर्ष में 1600 से अधिक औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही उद्योगों की स्वीकृति प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। शहरी क्षेत्रों में एमएसएमई इकाइयों के लिए भूमि उपयोग स्वीकृति की समय-सीमा 60 दिनों से घटाकर 30 दिन तथा उद्योग स्थापना की स्वीकृति अवधि 120 दिनों से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों की व्हाइट कैटेगरी सूची को भी 104 से बढ़ाकर 877 उद्योगों तक विस्तारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग पार्क, सिरेमिक पार्क, डाटा सेंटर पार्क और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित कर रही है। विकसित ग्राम-वार्ड अभियान के माध्यम से प्रत्येक जिले के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्थान औद्योगिक विकास नीति, ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया तथा रैम्प (राइजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस) पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण, अनुदान एवं सब्सिडी के रूप में 13 करोड़ रुपये से अधिक के चेक तथा रीको की योजनाओं के तहत भूमि आवंटन पत्र और ऑफर लेटर भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कई नई घोषणाएं करते हुए कहा कि हस्तशिल्पियों, बुनकरों और सूक्ष्म उद्यमियों के उत्पादों के लिए पीपीपी मॉडल पर हाट विकसित किए जाएंगे। पहले चरण में पुष्कर, नाथद्वारा, जैसलमेर और अलवर में इन हाटों का विकास होगा। पंच गौरव योजना के तहत चिन्हित प्रजातियों एवं वनस्पति आधारित प्रसंस्करण इकाइयों को वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता दी जाएगी।
उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए रिप्स-2024 में न्यूनतम निवेश सीमा घटाकर 15 करोड़ रुपये करने, भारत सरकार की ईसीएमएस योजना के तहत परियोजनाओं को पांच चरणों में निवेश की अनुमति देने तथा महिला एवं दिव्यांग कार्मिकों के कौशल प्रशिक्षण भत्ते को 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की। साथ ही राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड के माध्यम से इस वर्ष 25 नए स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई।
कार्यक्रम को उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ तथा उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री के. के. विश्नोई ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद मंजू शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल, आयुक्त नीलाभ सक्सेना सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।
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