108 करोड़ से बदलेगी चित्तौड़ दुर्ग की सूरत, सांसद सीपी जोशी ने किया निरीक्षण

चित्तौड़गढ़, 10 जून (हि.स.)। विश्व धरोहर चित्तौड़ दुर्ग को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल बनाने की कवायद तेज हो गई है। बुधवार को सांसद सीपी जोशी ने दुर्ग क्षेत्र का सघन दौरा कर विकास कार्यों और प्रस्तावित परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण हो, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिले। दुर्ग के विकास को लेकर करीब 108 करोड़ के प्रस्ताव हैं।

सांसद सीपी जोशी ने बताया कि देश के 15 प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में चित्तौड़ दुर्ग का चयन हुआ हैं। इसके बाद दुर्ग के समग्र विकास के लिए करीब 108 करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इन योजनाओं से पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण होगा। सांसद जोशी ने कहा कि चित्तौड़ दुर्ग भारत की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। केंद्र सरकार इसके संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। काम पूरे होने से पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया आयाम मिलेगा। सांसद जोशी ने बताया कि बुधवार को चित्तौड़ दुर्ग पर निरीक्षण। के दौरान अधीक्षण पुरातत्वविद जोधपुर अजहर आलम हाशमी, संरक्षण सहायक प्रेमचंद शर्मा और पुरातत्व विभाग के अधिकारी साथ थे। इनके साथ सूरजपोल मार्ग के पीछे संभावित वैकल्पिक मार्ग का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने इस वैकल्पिक मार्ग को विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा कर तुरंत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इससे दुर्ग में यातायात का दबाव कम होगा और पर्यटकों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी मनोज पारीक ने बताया कि सांसद ने वेबकोष योजना के तहत अधूरे पड़े विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने को कहा। साथ ही चतरंग मोरी क्षेत्र में गार्डन विकसित करने, पर्यटकों और यात्रियों के लिए फूड शेड और आधुनिक टॉयलेट ब्लॉक बनाने के निर्देश भी दिए।

सांसद सीपी जोशी ने पद्मिनी महल परिसर में इतिहास आधारित बनने वाली गैलरी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने गैलरी की रूपरेखा, निर्माण कार्य और पर्यटक सुविधाओं की जानकारी ली और समय सीमा में काम पूरा करने को कहा।

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