डोगरा आर्ट म्यूजियम में उत्साह के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026
- DSS Admin
- May 18, 2026

जम्मू, 18 मई । डोगरा आर्ट म्यूजियम में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026 बड़े उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन जम्मू-कश्मीर के अभिलेखागार, पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जम्मू पूर्व विधानसभा क्षेत्र के विधायक युधवीर सेठी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का समन्वय डोगरा आर्ट म्यूजियम के क्यूरेटर मुकुल मगोत्रा ने निदेशक कुलदीप कृष्ण सिधा के मार्गदर्शन में किया। इस अवसर पर विधायक ने अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संग्रहालय केवल पुरानी वस्तुओं का भंडार नहीं बल्कि हमारी सामूहिक स्मृतियों और पहचान को संरक्षित रखने वाले जीवंत केंद्र हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू किए गए ज्ञान भारतम मिशन का भी उल्लेख किया जिसके तहत जम्मू-कश्मीर में पांडुलिपियों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और सांस्कृतिक अभिलेखों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान संग्रहालय में विशेष प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें दुर्लभ पांडुलिपियां, ऐतिहासिक दस्तावेज, टेराकोटा प्रतिमाएं, पुरानी मुद्राएं, डाक टिकट संग्रह और प्रसिद्ध बसोहली चित्रकला प्रदर्शित की गई। स्कंद पुराण की ताड़पत्र पांडुलिपि और भोजपत्र पर लिखी ऐतिहासिक सामग्री ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
छात्रों और युवाओं के लिए गाइडेड गैलरी वॉक, हेरिटेज क्विज और कला कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया। विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने संग्रहालय का दौरा कर डोगरा इतिहास, कला और संस्कृति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। मुकुल मगोत्रा ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस की थीम “संग्रहालय एक विभाजित विश्व को एकजुट करते हुए: संस्कृतियों को जोड़ना, समुदायों के बीच सेतु बनाना, शांति का निर्माण करना” रही, जो सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और शांति को बढ़ावा देने में संग्रहालयों की भूमिका को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि निदेशालय द्वारा जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों में दुर्लभ पांडुलिपियों और सांस्कृतिक धरोहरों के सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और जियो-टैगिंग का कार्य किया जा रहा है ताकि इन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। समारोह का समापन जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

