यक्षिणी नाटक के मंचन के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस
- DSS Admin
- May 18, 2026




सारण, 18 मई (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार संग्रहालय निदेशालय के अंतर्गत छपरा संग्रहालय में आओ चलें संग्रहालय की ओर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर स्थानीय विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं को संग्रहालय का भ्रमण कराया गया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को वहां प्रदर्शित प्राचीन पुरावशेषों तथा ऐतिहासिक सामग्रियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही भावी पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत और धरोहरों के संरक्षण के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया गया। इस आयोजन में राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, विशेश्वर सेमिनरी, एच आर इंपीरियल स्कूल, ब्रजकिशोर किंडर गार्डन, गुरुकुल पब्लिक स्कूल, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इनई, सारण एकेडमी, राजपूत उच्च विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय सहित कई शिक्षण संस्थानों के बच्चों व शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में छपरा संग्रहालय और फेसस पटना के संयुक्त तत्वावधान में यक्षिणी नाटक का मंचन किया गया। संग्रहालय निदेशालय के अपर निदेशक सह प्रभारी डॉ विमल तिवारी ने बताया कि यह नाटक वर्ष 1917 में दीदारगंज से प्राप्त विश्वप्रसिद्ध यक्षिणी प्रतिमा की खोज और उसके संग्रहालय स्थानांतरण की ऐतिहासिक गाथा पर आधारित है, जो वर्तमान में बिहार संग्रहालय, पटना में सुरक्षित है।
अरविंद कुमार द्वारा लिखित इस नाटक का निर्देशन डॉ सुनीता भारती ने किया।इस सांस्कृतिक व शैक्षणिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों, स्काउट गाइड के छात्रों, स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी डॉ विभा भारती, संग्रहालय निदेशालय के अपर निदेशक डॉ. शंकर सुमन एवं संग्रहालय के तमाम कर्मी उपस्थित रहे।
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