स्पीक मैके के कार्यक्रम में डॉ. मंदक्रांता राय ने विद्यार्थियों को भरतनाट्यम की परंपरा से कराया परिचित

रांची, 07 जुलाई (हि.स.)। भारत असंख्य मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक विरासतों का देश है। हमारी सांस्कृतिक विविधता न केवल राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करती है, बल्कि समाज में आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना का भी संचार करती है। यह बातें मंगलवार को रांची के कांके रोड स्थित कैंब्रियन पब्लिक स्कूल की निदेशक-सह-प्राचार्या परमजीत कौर ने स्पीक मैके की ओर से आयोजित भरतनाट्यम प्रस्तुति एवं संवाद कार्यक्रम में कहीं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसके पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय कला एवं संस्कृति से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं।

कार्यक्रम में प्रख्यात भरतनाट्यम नृत्यांगना डॉ. मंदक्रांता राय ने विद्यार्थियों को भरतनाट्यम की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसकी विभिन्न मुद्राओं, अभिव्यक्ति शैली और सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भरतनाट्यम केवल एक शास्त्रीय नृत्य शैली नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दर्शन, आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों की जीवंत अभिव्यक्ति है।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक पुष्पांजलि प्रस्तुति से हुआ। इसके बाद डॉ. मंदक्रांता राय ने भरतनाट्यम की विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से भाव, राग, ताल और अभिनय का आकर्षक समन्वय प्रस्तुत किया। उनकी मनोहारी भाव-भंगिमाओं और नृत्य कौशल ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में आनंदमयी सिंह और विद्यालय प्रबंधन के प्रमुख पंचम सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत से जुड़ी ऐसी प्रस्तुतियां विद्यार्थियों में कला एवं संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने डॉ. मंदक्रांता राय से भरतनाट्यम की विभिन्न मुद्राओं और तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा कुछ प्रमुख मुद्राओं का अभ्यास भी किया। संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों ने शास्त्रीय नृत्य से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका नृत्यांगना ने विस्तार से उत्तर दिया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुषमा दीक्षित ने किया। विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अन्य गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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