बदहाल वेडिंग जोन की वजह से रामगढ़ की सड़कों पर हो रहा अतिक्रमण
- DSS Admin
- May 27, 2026
रामगढ़, 27 मई (हि.स.)। रामगढ़ शहर में बदहाल वेंडिंग जोन की वजह से सड़कों के किनारे अतिक्रमण हो रहा है। शहर में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित वेंडिंग जोन उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। जिस वेंडिंग जोन का निर्माण सड़क किनारे लगने वाली अस्थायी दुकानों को व्यवस्थित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से किया गया था, वह वर्तमान में बदहाल स्थिति में पड़ा है। इसके कारण एक बार फिर मुख्य सड़क और चौराहों के किनारे अनियमित रूप से सब्जी एवं फल की दुकानें सजने लगी हैं। जिससे शहर में प्रतिदिन जाम की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है।
इस मुद्दे को लेकर खुदरा सब्जी विक्रेता संघ न्यू वेंडिंग जोन के प्रतिनिधिमंडल ने छावनी परिषद के सीईओ विवेक कुमार सिंह से मुलाकात की। संघ ने अपनी समस्याएं और मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघ के अध्यक्ष नीरज मंडल ने किया।
करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए वेंडिंग जोन का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। साफ-सफाई, रखरखाव और सुविधाओं के अभाव में कई दुकानदार वहां दुकान नहीं लगा रहे। नतीजतन सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से दुकानें लग रही हैं, जिससे शहर में जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। सबसे अधिक असर आम नागरिकों, विद्यार्थियों, मरीजों और रोजमर्रा आवागमन करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। सड़कें संकरी हो रही हैं और दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने छावनी परिषद से मांग की है कि वेंडिंग जोन की तत्काल साफ-सफाई एवं मरम्मत कर उसे व्यवस्थित रूप से चालू कराया जाए। सभी सब्जी एवं फल विक्रेताओं को निर्धारित वेंडिंग जोन में ही दुकान लगाने का निर्देश दिया जाए। सड़क किनारे खुले में चिकन एवं मटन काटने वाली दुकानों को भी वेंडिंग जोन में स्थानांतरित किया जाए। मुख्य सड़क एवं सार्वजनिक स्थलों पर अवैध और अनियमित दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सड़क किनारे दोबारा दुकानें न लगें, इसके लिए नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
छावनी परिषद के सीईओ विवेक कुमार सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि रामगढ़ शहर को साफ, स्वच्छ एवं अतिक्रमण मुक्त रखना परिषद की प्राथमिकता है। जनहित से जुड़े मामलों में हरसंभव कार्रवाई की जाएगी। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
---------------

