पुरुषार्थ के पुरोधा थे जैथलिया जी : रामपुकार सिंह
कोलकाता, 01 जून (हि. स.)। प्रख्यात समाजसेवी साहित्यकार एवं श्री बड़ाबाजार कुमारसभा पुस्तकालय के पूर्व अध्यक्ष स्व. जुगलकिशोर जैथलिया की 10वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सोमवार को पुस्तकालय कक्ष में उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया।
स्मरण सभा की अध्यक्षता की सुपरिचित गज़लकार रामपुकार सिंहने की। अपने भक्तों पर में राम पुकार सिंह ने कहा कि मैं उनसे मिला तो नहीं पर कभी भूला भी नहीं हूं, वे सबका सम्मान करते थे इसी कारण कोई भी उनका विरोधी नहीं था। उन्होंने अपनी पुरुषार्थ से अनेक नये कार्यकर्ता तैयार किए और उन्हें समाजसेवा की प्रेरणा दी।
स्मरण सभा में अरुणप्रकाश मल्लावत, सीताराम तिवारी, गोविन्द जैथलिया, तेज बहादुर सिंह, भागीरथ सारस्वत, ओम प्रकाश चौबे, श्रीमोहन तिवारी, बजरंगी मिश्रा, परशुराम गिरी, प्रदीप सूंठवाल, महेश गुप्ता, अरविन्द वाजपेयी, सुशांत घोष, शिवम तिवारी ने जैथलिया जी के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक अवदान पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के आरंभ में कुमारसभा के अध्यक्ष महावीर बजाज ने जुगलजी के जीवनवृत्त की रूपरेखा प्रस्तुत की।

