भारतीय सेना का मेगा नेत्र चिकित्सा शिविर ‘दृष्टि 2026’ नामकुम में संपन्न
- DSS Admin
- Jun 19, 2026
रांची, 19 जून (हि.स.)। भारतीय सेना की ओर से आयोजित चार दिवसीय मेगा नेत्र चिकित्सा शिविर ‘दृष्टि 2026’ का शुक्रवार को नामकुम सैन्य अस्पताल में सफलतापूर्वक समापन हुआ।
पूर्वी कमान के तत्वावधान में ब्रह्मास्त्र कोर की ओर से आयोजित यह मानवीय पहल 16 से 19 जून 2026 तक संचालित की गई, जिसमें नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञों एवं चिकित्सा दलों ने भाग लिया।
चार दिनों के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हजारों मरीजों को व्यापक नेत्र परीक्षण, उन्नत डायग्नोस्टिक जांच, विशेषज्ञ परामर्श तथा दृष्टि पुनर्स्थापन उपचार उपलब्ध कराया। इस विशाल चिकित्सा अभियान से लगभग 2500 लाभार्थियों ने लाभ प्राप्त किया, जिनमें पूर्व सैनिक, वीर नारियां, सैन्य परिवारों के सदस्य तथा रांची एवं आसपास के जनजातीय क्षेत्रों के नागरिक शामिल थे।
शिविर के दौरान कुल 393 नेत्र शल्यक्रियाएं सफलतापूर्वक संपन्न की गईं, जिससे अनेक लोगों को पुनः दृष्टि प्राप्त करने का अवसर मिला।
शिविर का समापन समारोह त्रिनेत्र ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ लेफ्टिनेंट जनरल यश अहलावत, जीओसी ब्रह्मास्त्र कोर भी समारोह में सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ एक विशेष वृत्तचित्र के प्रदर्शन से हुआ, जिसमें नेत्र चिकित्सा शिविर की संपूर्ण कार्यप्रणाली, स्क्रीनिंग प्रक्रिया तथा दैनिक गतिविधियों को दर्शाया गया।
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण सम्मान समारोह रहा, जिसमें रक्षा राज्य मंत्री ने ‘टीम दृष्टि’ के समर्पित चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों के साथ-साथ चयनित लाभार्थियों को सम्मानित किया।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि चिकित्सा विशेषज्ञों, आयोजकों एवं सहयोगी स्टाफ के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए शिविर की उत्कृष्ट योजना, प्रभावी क्रियान्वयन तथा सेवा-भावना की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें भारतीय सेना की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती हैं तथा समाज के वंचित वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं लाभार्थियों के साथ अनौपचारिक संवाद का आयोजन किया गया।
‘दृष्टि 2026’ की सफलता इस तथ्य का सशक्त प्रमाण है कि भारतीय सेना का दायित्व केवल राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज के कल्याण एवं मानवीय सेवा के प्रति भी समान रूप से समर्पित है।
पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, सैन्य परिवारों तथा जनजातीय समुदायों को अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर सेना ने एक बार फिर अपने मूल आदर्श ‘सेवा परमो धर्मः’ को चरितार्थ किया है। यह पहल दर्शाती है कि भारतीय सेना केवल राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रहरी ही नहीं, बल्कि देशवासियों के जीवन में आशा, विश्वास और स्वास्थ्य का संबल भी है।
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