उपराज्यपाल ने अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का लिया जायजा, तीर्थयात्रियों से वैध रजिस्ट्रेशन के साथ ही यात्रा करने की अपील की

उपराज्यपाल ने अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का लिया जायजा, तीर्थयात्रियों से वैध रजिस्ट्रेशन के साथ ही यात्रा करने की अपील की


श्रीनगर, 04 जुलाई ।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को चल रही श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 के कुल प्रबंधन और ज़मीनी हालात का जायजा लेने के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने सभी विभागों को वार्षिक यात्रा के सुरक्षित और सुचारू संचालन के लिए बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, नागरिक प्रशासन, पुलिस, सुरक्षाबल, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, इंटेलिजेंस ब्यूरो, गृह विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

उपराज्यपाल ने तीर्थयात्रियों की आवाजाही, ट्रैफ़िक प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, रजिस्ट्रेशन की स्थिति और यात्रा के अन्य लॉजिस्टिकल पहलुओं की समीक्षा की।

बैठक के दौरान यह देखा गया कि बड़ी संख्या में तीर्थयात्री बिना वैध रजिस्ट्रेशन के आ रहे हैं जिसके कारण लंबा इंतज़ार करना पड़ रहा है और संचालन में चुनौतियाँ आ रही हैं।

उपराज्यपाल ने कहा कि यात्रा सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार यात्रा मार्गों पर तीर्थयात्रियों की आवाजाही की तय सीमा के अनुसार आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए रजिस्ट्रेशन शेड्यूल का सख्ती से पालन करना ज़रूरी है।

उन्होंने दोहराया कि केवल उन्हीं तीर्थयात्रियों को पवित्र गुफा मंदिर तक जाने वाले मार्गों पर आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी जिनके पास अपनी तय तारीख के लिए वैध रजिस्ट्रेशन होगा। जो तीर्थयात्री यात्रा करना चाहते हैं लेकिन अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है उनसे अपील है कि वे जम्मू-कश्मीर पहुँचने पर होने वाली असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा को कुछ दिनों के लिए टाल दें।

प्रशासन ने सभी इच्छुक तीर्थयात्रियों से आग्रह किया है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले अनिवार्य रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करें और अपनी तय तारीख के लिए वैध यात्रा रजिस्ट्रेशन परमिट प्राप्त करें। बिना कन्फर्म रजिस्ट्रेशन के यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सुरक्षा और लॉजिस्टिकल व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उपराज्यपाल ने सभी विभागों और सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे लंगर संगठनों, सेवा प्रदाताओं और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करें और लगातार संपर्क बनाए रखें ताकि यात्रा सुरक्षित, सुचारू और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक हो

---------------

   

सम्बंधित खबर