तृणमूल के अंदरूनी विवाद पर दिलीप घोष ने किया कटाक्ष

कोलकाता, 04 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के अस्थायी राज्य कार्यालय को लेकर चल रहे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

शनिवार सुबह कोलकाता के इको पार्क में प्रातः भ्रमण के दौरान पत्रकारों से बातचीत में दिलीप घोष ने कहा कि पार्टी कार्यालय पर ताला लगाना और कब्जे की कोशिश करना गलत है। उन्होंने कहा, घर के मालिक किसे अधिकार देंगे, यह देखने की जरूरत नहीं समझी जा रही है। खुद ही ताला लगाया जा रहा है। यह उचित नहीं है। मेरा मानना है कि इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

दरअसल, साइंस सिटी के निकट स्थित तृणमूल भवन में पिछले कुछ वर्षों से मरम्मत का काम चल रहा है। इसी कारण कुछ समय पहले तृणमूल कांग्रेस का राज्य कार्यालय अस्थायी रूप से मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के एक भवन में स्थानांतरित किया गया था। शुक्रवार रात पार्टी के एक विद्रोही गुट ने वहां पहुंचकर नया बैनर लगा दिया और मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। इसके बाद पार्टी के दोनों गुटों के बीच कार्यालय को लेकर विवाद तेज हो गया।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि पहले तृणमूल के स्थानीय नेता आपस में मारपीट और बमबाजी करते थे, जिसमें आम लोगों को नुकसान उठाना पड़ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब वही प्रवृत्ति पार्टी के भीतर दिखाई दे रही है और अपने ही कार्यालय पर ताला लगाया जा रहा है।

दिलीप घोष ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता में रहने के दौरान तृणमूल कांग्रेस विपक्षी दलों के पार्टी कार्यालयों पर ताला लगाने का काम करती थी। उन्होंने कहा कि 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के कई पार्टी कार्यालयों पर ताले लगाए गए थे और अब वही स्थिति तृणमूल कांग्रेस के अपने कार्यालयों में देखने को मिल रही है।

तृणमूल कांग्रेस की वर्तमान स्थिति की तुलना करते हुए दिलीप घोष ने फीफा फुटबॉल विश्व कप का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह मजबूत मानी जाने वाली टीम को अपेक्षाकृत कमजोर टीम चुनौती दे रही है, उसी तरह कभी बेहद मजबूत मानी जाने वाली तृणमूल कांग्रेस आज अपने ही भीतर गुटबाजी और कार्यालय पर कब्जे की लड़ाई से जूझ रही है।

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