जम्मू-कश्मीर में पहले तीन दिनों में 15 लाख से अधिक परिवारों ने स्व-गणना पूरी की: मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी
- DSS Admin
- May 20, 2026
जम्मू, 20 मई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी और जनगणना संचालन निदेशक अमित शर्मा ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में 2027 की जनगणना के तहत स्व-गणना शुरू होने के पहले तीन दिनों के भीतर ही 15 लाख से अधिक परिवारों ने आधिकारिक स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से सफलतापूर्वक स्व-गणना पूरी कर ली है।
उन्होंने स्व-गणना के प्रति जनता की प्रतिक्रिया को बेहद उत्साहजनक बताया और कहा कि शहरी, ग्रामीण, पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों के नागरिक भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल और कागज रहित जनगणना में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। मीडिया को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा, केंद्र शासित प्रदेश के सभी जिलों में स्व-गणना के प्रति उत्साहजनक भागीदारी और उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
इस अवसर पर पीआईबी, जम्मू के मीडिया एवं संचार अधिकारी जाकिर नजीर भी उपस्थित थे। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला कि कुलगाम, बारामूला और कुपवारा जैसे सुदूर जिलों के साथ-साथ जम्मू मंडल के दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्व-गणना के प्रारंभिक चरण में उल्लेखनीय जनभागीदारी देखी गई है जो डिजिटल जनगणना प्रक्रिया के प्रति नागरिकों की बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाती है।
निदेशक ने कहा कि इस प्रक्रिया के पहले कुछ दिनों में मिली प्रबल प्रतिक्रिया व्यापक जागरूकता अभियानों, मीडिया पहुंच, जिला स्तरीय लामबंदी और केंद्र शासित प्रदेश के जनगणना संचालन निदेशालय और जिला प्रशासनों द्वारा स्थापित नागरिक सुविधा तंत्रों की सफलता को दर्शाती है।
शर्मा ने आगे बताया कि नागरिकों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुचारू रूप से और सटीक रूप से स्व-गणना पूरी करने में सहायता करने के लिए जिला और जमीनी स्तर पर समर्पित सहायता प्रणाली और सुविधा व्यवस्था भी स्थापित की गई है।
निदेशक ने केंद्र शासित प्रदेश में प्रवासी, खानाबदोश आदिवासी आबादी, जिनमें गुर्जर, बकरवाल और अन्य खानाबदोश समुदाय शामिल हैं को कवर करने के लिए की जा रही विशेष व्यवस्थाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने आश्वासन दिया कि जनजातीय या प्रवासी आबादी का कोई भी व्यक्ति जनगणना की गणना प्रक्रिया से वंचित नहीं रहेगा और कहा कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, स्कूल शिक्षा विभाग, जनजातीय मामलों के विभाग और भेड़पालन विभाग सहित विभिन्न विभागों के समन्वय से समर्पित परिचालन तंत्र तैयार किए जा रहे है ताकि स्व-गणना और उसके बाद के घर-घर सूचीकरण कार्यों के दौरान प्रवासी और खानाबदोश आबादी का व्यापक कवरेज सुनिश्चित किया जा सके
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