जयंती पर मंडी के सेरी मंच पर याद किए गए महाराणा प्रताप
- DSS Admin
- Jun 17, 2026
मंडी, 17 जून (हि.स.)। श्री राजपूत सभा मंडी एवं राजपूत महासभा हिमाचल प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में राज्य स्तरीय वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह का भव्य आयोजन मंडी में किया गया। समारोह में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समारोह के मुख्य अतिथि बचन सिंह राणा, राष्ट्रीय समन्वयक, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा रहे।
अपने संबोधन में उन्होंने महाराणा प्रताप द्वारा स्थापित राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान, त्याग, साहस, ईमानदारी, वफादारी तथा मान-सम्मान के आदर्शों को स्मरण करते हुए कहा कि समाज में इन मूल्यों का निरंतर ह्रास चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जब समाज अपने नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों से दूर होता है तो उसका प्रभाव आर्थिक एवं सामाजिक व्यवस्था पर भी पड़ता है।
श्री राजपूत सभा मंडी के प्रधान डॉ. अमर सिंह गुलेरिया ने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया तथा समारोह की सफलता में सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के पूर्व कुलपति प्रोफेसर अशोक सरयाल ने समारोह में उपस्थित एनएसयूआई तथा एबीवीपी के प्रतिनिधियों का विशेष आभार व्यक्त किया।
उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, बढ़ते कर्ज तथा अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए समाज को संगठित होना होगा। उन्होंने कहा कि अनुभवी, ईमानदार एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को नेतृत्व प्रदान कर जनकल्याणकारी नीतियों एवं कानूनों के निर्माण की दिशा में सार्थक प्रयास किए जाने चाहिए।
राजपूत महासभा के भूतपूर्व सैनिक विंग के अध्यक्ष तथा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष मेजर जनरल धर्मवीर सिंह राणा ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे महाराणा प्रताप के शौर्य, साहस और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु सक्रिय भूमिका निभाएं। राजपूत महासभा हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष ई. के. एस. जम्वाल ने अपने संबोधन में महासभा की स्थापना, उसके उद्देश्यों तथा समाज हित में किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला।
महासभा के महासचिव विजय चंदेल ने समारोह में पधारे ब्राह्मण सभा, क्षत्रिय सभा, नामधारी सभा, सूद सभा, महाजन सभा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, कुल्लू एवं कांगड़ा जिलों से आए राजपूत महासभा के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं अन्य सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

